अपने नागरिकों को लेने से पीछे हटा बांग्लादेश, सीमा पर बढ़ा तनाव

भारत-बांग्लादेश सीमा पर अवैध घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई के बीच नया विवाद सामने आया है। बीजीबी ने कथित तौर पर अपने ही 33 नागरिकों को देश में प्रवेश देने से इनकार कर दिया, जिससे सीमा पर तनाव बढ़ गया है। बीएसएफ और बीजीबी के बीच बातचीत जारी है, जबकि दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

अपने नागरिकों को लेने से पीछे हटा बांग्लादेश, सीमा पर बढ़ा तनाव

दि राइजिंग न्यूज़। ढाका। 6 जून 2026

भारत-बांग्लादेश सीमा पर फंसे सैकड़ों लोग, बीजीबी ने 33 लोगों की एंट्री रोकी

भारत में अवैध घुसपैठ और फर्जी दस्तावेजों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच भारत-बांग्लादेश सीमा पर नया विवाद खड़ा हो गया है। बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड (बीजीबी) ने कथित तौर पर अपने ही नागरिकों को देश में प्रवेश देने से इनकार कर दिया है, जिसके चलते सीमा पर तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। कई दिनों से सैकड़ों लोग सीमा क्षेत्र में फंसे हुए हैं और अपने घर लौटने का इंतजार कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लालमोनिरहाट क्षेत्र के तीन अलग-अलग सीमा बिंदुओं पर भारत की सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) द्वारा 33 लोगों को बांग्लादेश भेजने की कोशिश की गई, लेकिन बीजीबी ने उन्हें स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इसके बाद सभी लोगों को सीमा की शून्य रेखा (जीरो लाइन) के पास रोक दिया गया।

बीजीबी ने हाई अलर्ट पर रखी सीमा

बीजीबी अधिकारियों के अनुसार, सुबह करीब पांच बजे विभिन्न सीमा चौकियों पर लोगों को बांग्लादेश में प्रवेश कराने की कोशिश की गई थी। बीजीबी की 16वीं और 61वीं बटालियन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी और लोगों को सीमा पार करने से रोक दिया। लालमोनिरहाट बटालियन के कमांडिंग अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल मेहदी इमाम ने बताया कि पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है और बीएसएफ के साथ लगातार बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि सीमा पर किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं।

कई सीमा चौकियों पर रोके गए लोग

रिपोर्ट के मुताबिक, बाराखाटा बॉर्डर आउटपोस्ट क्षेत्र में 11 लोगों को सीमा पार करते हुए रोका गया। वहीं पैशात्तीबारी क्षेत्र में 10 अन्य लोगों को भी बांग्लादेश में प्रवेश नहीं करने दिया गया। इसके अलावा दुर्गापुर और दिघलतारी सीमा चौकियों के पास भी 12 लोगों को रोके जाने की जानकारी सामने आई है। बांग्लादेशी मीडिया की अन्य रिपोर्टों में दावा किया गया है कि बंगाबाड़ी सीमा क्षेत्र में भी 28 लोगों को बांग्लादेश में प्रवेश करने से रोक दिया गया। इन घटनाओं के बाद सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सख्त कर दी गई है।

बीएसएफ और बीजीबी के बीच हुई फ्लैग मीटिंग

मामले की गंभीरता को देखते हुए बीएसएफ और बीजीबी के अधिकारियों के बीच फ्लैग मीटिंग आयोजित की गई। बैठक में दोनों पक्षों ने स्थिति पर चर्चा की और समाधान निकालने के प्रयासों पर सहमति जताई। बीएसएफ अधिकारियों ने कहा कि वे इस मामले को अपने वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष उठाएंगे ताकि उचित समाधान निकाला जा सके।

घुसपैठ के खिलाफ भारत का अभियान जारी

भारत में पश्चिम बंगाल, दिल्ली, अहमदाबाद, गुरुग्राम और अन्य शहरों में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यह कार्रवाई अवैध घुसपैठ, फर्जी दस्तावेजों और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। इन अभियानों के बाद कई बांग्लादेशी नागरिक स्वेच्छा से अपने देश लौटना चाहते हैं, लेकिन बांग्लादेशी प्रशासन द्वारा नागरिकता सत्यापन को लेकर सख्त रुख अपनाए जाने के कारण उनकी वापसी में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं।

दोनों देशों के लिए चुनौती बनी स्थिति

विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा पर उत्पन्न यह स्थिति भारत और बांग्लादेश दोनों के लिए एक संवेदनशील कूटनीतिक और मानवीय मुद्दा बन सकती है। यदि नागरिकों की पहचान और वापसी को लेकर जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो सीमा क्षेत्रों में तनाव और बढ़ सकता है।