AI में कनाडा का बड़ा दांव, अल्बर्टा बन सकता है सबसे बड़ा डेटा सेंटर हब
कनाडा एआई क्षेत्र में बड़ा निवेश कर रहा है और देशभर में 96 नए हाइपरस्केल डेटा सेंटरों की योजना पर काम चल रहा है। अल्बर्टा कम लागत वाली ऊर्जा, पर्याप्त भूमि और निवेश अनुकूल नीतियों के कारण सबसे बड़ा डेटा सेंटर हब बनने की ओर बढ़ रहा है। वहीं स्थानीय समुदाय और पर्यावरण समूह बिजली, पानी और प्राकृतिक संसाधनों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता जता रहे हैं।
दि राइजिंग न्यूज़। ओटावा। 6 जून 2026
96 नए डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स पर बहस तेज, विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन की चुनौती
कनाडा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व हासिल करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। इसके लिए देशभर में विशाल डेटा सेंटरों के निर्माण की योजना पर काम चल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में अल्बर्टा प्रांत कनाडा का सबसे बड़ा डेटा सेंटर हब बन सकता है। हालांकि इन परियोजनाओं को लेकर स्थानीय समुदायों और पर्यावरण समूहों की चिंताएं भी लगातार बढ़ रही हैं। न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के हालिया शोध के अनुसार, कनाडा में वर्तमान समय में संचालित डेटा सेंटरों की कुल क्षमता लगभग 1.6 गीगावाट है। प्रस्तावित और निर्माणाधीन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद यह क्षमता बढ़कर 13.2 गीगावाट तक पहुंच सकती है। यह वृद्धि देश में एआई तकनीक के बढ़ते उपयोग और डिजिटल बुनियादी ढांचे के विस्तार को दर्शाती है।
96 नए हाइपरस्केल डेटा सेंटरों की तैयारी
फिलहाल कनाडा में केवल पांच हाइपरस्केल डेटा सेंटर संचालित हैं। इनमें से दो ब्रिटिश कोलंबिया में, जबकि एक-एक ओंटारियो, क्यूबेक और न्यू ब्रंसविक में स्थित हैं। शोध रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में 96 नए हाइपरस्केल डेटा सेंटर या तो प्रस्तावित हैं या निर्माणाधीन अवस्था में हैं। हाइपरस्केल डेटा सेंटर सामान्य डेटा सेंटरों की तुलना में कई गुना बड़े होते हैं और इन्हें अत्यधिक कंप्यूटिंग क्षमता, बिजली आपूर्ति तथा तेज इंटरनेट नेटवर्क की आवश्यकता होती है। एआई मॉडल के प्रशिक्षण और संचालन के लिए ऐसे डेटा सेंटर बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
अल्बर्टा क्यों बन रहा कंपनियों की पहली पसंद
विशेषज्ञों के अनुसार अल्बर्टा प्रांत इस दौड़ में सबसे आगे दिखाई दे रहा है। यहां प्राकृतिक गैस आधारित बिजली उत्पादन, अपेक्षाकृत कम ऊर्जा लागत, पर्याप्त भूमि उपलब्धता और निवेश को प्रोत्साहित करने वाली सरकारी नीतियां बड़ी तकनीकी कंपनियों को आकर्षित कर रही हैं। वर्तमान में कनाडा के लगभग 41 प्रतिशत सक्रिय डेटा सेंटर ओंटारियो में हैं, जबकि अल्बर्टा की हिस्सेदारी लगभग 10 प्रतिशत है। लेकिन यदि प्रस्तावित परियोजनाएं समय पर पूरी हो जाती हैं, तो भविष्य में कनाडा के करीब 90 प्रतिशत डेटा सेंटर अल्बर्टा में स्थापित हो सकते हैं।
छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में बढ़ रही गतिविधियां
पारंपरिक डेटा सेंटर आमतौर पर बड़े शहरों के आसपास स्थापित किए जाते हैं ताकि वे ग्राहकों और व्यवसायों को तेज सेवाएं प्रदान कर सकें। लेकिन एआई आधारित हाइपरस्केल डेटा सेंटरों को बड़े भूभाग और भारी ऊर्जा आपूर्ति की आवश्यकता होती है। इसी कारण अब कंपनियां ग्रामीण और बाहरी क्षेत्रों की ओर रुख कर रही हैं। अल्बर्टा के कई छोटे शहर और ग्रामीण क्षेत्र निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुके हैं। इन क्षेत्रों में रोजगार और आर्थिक विकास की नई संभावनाएं दिखाई दे रही हैं।
स्थानीय लोगों ने जताई चिंता
अल्बर्टा के ओल्ड्स क्षेत्र में प्रस्तावित एक विशाल डेटा सेंटर परियोजना को लेकर हाल ही में सार्वजनिक सुनवाई आयोजित की गई। बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों ने परियोजना का विरोध किया। लोगों का कहना है कि इतने बड़े डेटा सेंटरों से शोर, ट्रैफिक और प्रदूषण बढ़ सकता है। कुछ निवासियों ने यहां तक कहा कि यदि परियोजना लागू होती है तो वे अपना घर बेचकर दूसरे स्थान पर जाने पर विचार कर सकते हैं। कई लोगों ने यह आरोप भी लगाया कि परियोजना से जुड़ी जानकारी समय पर साझा नहीं की गई और स्थानीय समुदाय को पर्याप्त रूप से शामिल नहीं किया गया।
बिजली और पानी की बढ़ती मांग पर सवाल
एआई डेटा सेंटरों को संचालित करने के लिए भारी मात्रा में बिजली की आवश्यकता होती है। इसके अलावा सर्वरों को ठंडा रखने के लिए कई केंद्रों में बड़ी मात्रा में पानी का उपयोग किया जाता है। इसी वजह से पर्यावरण विशेषज्ञ और स्थानीय समुदाय चिंता जता रहे हैं कि इन परियोजनाओं से प्राकृतिक संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। हाल ही में वैंकूवर में सैकड़ों लोगों ने प्रस्तावित डेटा सेंटर परियोजनाओं के खिलाफ प्रदर्शन भी किया था। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ऐसे प्रोजेक्ट शहरों की जल और ऊर्जा आपूर्ति व्यवस्था पर गंभीर प्रभाव डाल सकते हैं।
उद्योग ने दिया जवाब
डेटा सेंटर उद्योग का दावा है कि नई तकनीकों की मदद से पर्यावरणीय प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है। कई कंपनियां क्लोज्ड-लूप कूलिंग सिस्टम का उपयोग कर रही हैं, जिससे पानी की खपत में कमी आती है। इसके अलावा कुछ कंपनियां अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अलग बिजली परियोजनाओं में निवेश कर रही हैं ताकि स्थानीय बिजली ग्रिड पर अतिरिक्त दबाव न पड़े। उद्योग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक डेटा सेंटर पहले की तुलना में कहीं अधिक ऊर्जा दक्ष और पर्यावरण के अनुकूल हैं।
राष्ट्रीय एआई रणनीति से बढ़ेगी मांग
कनाडा सरकार ने हाल ही में राष्ट्रीय एआई रणनीति की घोषणा की है। इसका उद्देश्य देश में एआई तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देना और कनाडा को इस क्षेत्र में वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करना है। एआई तकनीक के विस्तार के साथ डेटा सेंटरों की मांग भी तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में अल्बर्टा आने वाले वर्षों में कनाडा के एआई इंफ्रास्ट्रक्चर का सबसे बड़ा केंद्र बन सकता है। हालांकि तकनीकी विकास, आर्थिक अवसरों और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाए रखना सरकार और उद्योग दोनों के लिए बड़ी चुनौती बना रहेगा।