भाजपा प्रवक्ता संगीत रागी पर मुकदमा दर्ज करने की मांग:BHU के छात्रों ने लंका थाने में दी तहरीर, सपा प्रवक्ता मनोज काका पर जातिगत टिप्पणी से नाराज
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के छात्रों ने एक टीवी डिबेट के दौरान पिछड़ी जाति और यादव समाज को लेकर की गई कथित विवादित टिप्पणी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दिल्ली विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर और भाजपा प्रवक्ता संगीत रागी द्वारा एक न्यूज चैनल पर समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता मनोज काका को 'गंवार', 'बेहूदा' और 'अहीर' कहे जाने से नाराज छात्रों ने लंका थाने में शिकायत दर्ज कराई है। छात्रों ने प्रोफेसर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। प्रोफेसर की भाषा उनकी कुंठित मानसिकता का प्रतीक
एमए के छात्र निर्भय कुमार यादव ने लंका थाने में शिकायती पत्र दिया। थाने में शिकायती पत्र सौंपने पहुंचे बीएचयू के छात्रों ने इस घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। निर्भय ने कहा - एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में प्रोफेसर जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा इस तरह की अमर्यादित और जातिसूचक भाषा का इस्तेमाल करना बेहद शर्मनाक है। यह कृत्य उनकी जाहिलियत और कुंठित मानसिकता को साफ तौर पर दर्शाता है। सार्वजनिक मंच से पूरे समाज को निशाना बनाना बेहद अशोभनीय है। संवैधानिक अधिकारों और सामाजिक गरिमा पर हमला
छात्र निर्भय यादव ने कहा कि प्रो संगीत रागी के इस वक्तव्य से यादव समाज के मौलिक और संवैधानिक अधिकारों का सीधा हनन हुआ है। उन्होंने भारतीय संविधान का हवाला देते हुए कहा कि अनुच्छेद 14, 15 और अनुच्छेद 21 के तहत देश के हर नागरिक को गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार प्राप्त है। सर्वोच्च न्यायालय ने भी 'के.एस. पुट्टास्वामी' और 'फ्रांसिस कोराली' मामलों में स्पष्ट किया है कि सामाजिक प्रतिष्ठा पर हमला गरिमापूर्ण जीवन के अधिकार का उल्लंघन है। छात्रों ने आगे कहा कि संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत मिलने वाली वॉक स्वतंत्रता (अभिव्यक्ति की आजादी) असीमित नहीं है। अनुच्छेद 19(2) के तहत समाज में नफरत या घृणास्पद भाषण (हेट स्पीच) फैलाने पर पूरी तरह रोक है। जातिगत नफरत फैलाने की कोशिश का आरोप
छात्रों ने चेतावनी दी कि उत्तर प्रदेश में यादव समाज ओबीसी (OBC) वर्ग का एक प्रमुख हिस्सा है। वाराणसी और काशी हिंदू विश्वविद्यालय में इस समाज के छात्र बड़ी संख्या में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। सरेआम टीवी चैनल पर पूरे समाज को 'गंवार' और 'बेहूदा' कहना समाज की प्रतिष्ठा को धूमिल करने और आपसी सौहार्द बिगाड़ने की साजिश है। छात्रों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि समाज में जातिगत घृणा और वैमनस्यता फैलाने वाले इस अशोभनीय आचरण के खिलाफ तत्काल विधिक कार्रवाई की जाए।
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