उल्देपुर की अवैध कॉलोनियों का रिकॉर्ड न्यायिक आयोग को सौंपा:मेडा की भूमिका की भी होगी जांच, जिम्मेदार अफसरों पर भी कार्रवाई

Nov 05, 2026 - 08:00
0
उल्देपुर की अवैध कॉलोनियों का रिकॉर्ड न्यायिक आयोग को सौंपा:मेडा की भूमिका की भी होगी जांच, जिम्मेदार अफसरों पर भी कार्रवाई
मेरठ की सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बाद अब मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) की नजर उल्देपुर क्षेत्र की 100 से अधिक अवैध कॉलोनियों पर है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित न्यायिक आयोग को इन कॉलोनियों में जमीन की खरीद-फरोख्त, बैनामे और विकास कार्यों का रिकॉर्ड सौंप दिया गया है। आयोग की जांच रिपोर्ट के बाद इन कॉलोनियों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, कॉलोनियों के विकास में मेडा की भूमिका और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली भी जांच के दायरे में है। उल्देपुर क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों और मार्केट का बड़े पैमाने पर विकास हुआ है। यहां बिना नक्शा पास कराए कॉलोनियां विकसित की गईं और प्लॉटों की खरीद-फरोख्त भी धड़ल्ले से हुई। पूर्व में 14 कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाया गया था, लेकिन इसके बावजूद दोबारा निर्माण कराकर उन्हें विकसित कर दिया गया। अब प्राधिकरण ने इन कॉलोनियों पर कार्रवाई की तैयारी की है। आयोग ने मौके पर पहुंचकर की जांच सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व जज जस्टिस सुधांशु धूलिया की अध्यक्षता में न्यायिक आयोग का गठन किया है। आयोग जमीन की खरीद-फरोख्त, अवैध कॉलोनियों के विकास और मेडा की भूमिका की जांच कर रहा है। आयोग उल्देपुर पहुंचकर कॉलोनियों के क्षेत्रफल, विकास कार्यों और निवासियों की संख्या की जानकारी जुटा चुका है। प्रॉपर्टी एजेंटों द्वारा लोगों को प्लॉट और मकान के सपने दिखाकर अवैध निर्माण कराने पर भी आयोग ने हैरानी जताई। आयोग को दोबारा जांच के लिए मेरठ आने की संभावना है। फिलहाल, प्राधिकरण को आयोग की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। इसके बाद अवैध कॉलोनियों और मार्केट के खिलाफ कार्रवाई की रूपरेखा तय होगी। 10 साल के बैनामों का रिकॉर्ड निकाला प्राधिकरण ने रजिस्ट्री विभाग से पिछले 10 साल में हुए बैनामों का रिकॉर्ड भी जुटाया है। सुप्रीम कोर्ट ने अवैध कॉलोनियों के विकास के लिए विकास प्राधिकरण को जिम्मेदार माना है। इसके साथ ही पिछले पांच साल में तैनात रहे उपाध्यक्ष, सचिव, जोन प्रभारी और अन्य कर्मचारियों का पूरा ब्यौरा मांगा है। जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की आशंका से मेडा में खलबली है। प्रमुख सचिव नगर विकास पी. गुरुप्रसाद को भी मामले से संबंधित रिकॉर्ड भेजा गया है। सुप्रीम कोर्ट ने अवैध निर्माणों पर कार्रवाई के निर्देश देते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब और कार्रवाई की स्थिति मांगी है। 16,726 अवैध निर्माणों पर भी कार्रवाई के निर्देश मेरठ के जोन-ए में पहले ही 16,726 अवैध निर्माण चिन्हित किए जा चुके हैं। इन पर सीलिंग और अन्य कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। प्राधिकरण की ओर से नोटिस देने की प्रक्रिया जारी है। मेडा सचिव बृजेश सिंह का कहना है कि उल्देपुर में दो दिन पहले भी बुलडोजर की कार्रवाई की गई थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए अवैध निर्माणों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User