ब्रजरज उत्सव के बाजार में देशभर के उत्पाद सजे:हिमाचल की शॉल, त्रिपुरा के बांस के लैंप और राजस्थान के 56 तरह के अचार लोगों को आकर्षित कर रहे

Oct 31, 2026 - 10:19
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ब्रजरज उत्सव के बाजार में देशभर के उत्पाद सजे:हिमाचल की शॉल, त्रिपुरा के बांस के लैंप और राजस्थान के 56 तरह के अचार लोगों को आकर्षित कर रहे
मथुरा में ब्रजरज उत्सव के धौली प्याऊ रेलवे मैदान में सजे बाजार में देशभर के हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पाद लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। हिमाचल की शॉल-टोपी, त्रिपुरा के बांस के लैंप, कश्मीर के परिधान, सहारनपुर का एंटीक फर्नीचर और राजस्थान के 56 प्रकार के अचार बाजार की खास पहचान बने हुए हैं। यहां एक ही स्थान पर देश के विभिन्न राज्यों की कला, संस्कृति और खानपान की झलक देखने को मिल रही है। बाजार में हिमाचल प्रदेश के हैंडलूम से बने शॉल, स्टोल और टोपियां लोगों की पसंद बने हैं। त्रिपुरा के बांस से तैयार लाइट लैंप, आभूषण और सजावटी सामान भी आकर्षित कर रहे हैं। पंजाब की जूतियां, कश्मीर के शॉल, सूट और साड़ियां तथा कोलकाता की कॉटन साड़ियों की मांग है। राजस्थान की पारंपरिक जूतियां, गुजरात के हैंडलूम उत्पाद, प्रयागराज की खादी जैकेट और अलीगढ़ की कुर्तियां भी उपलब्ध हैं। हस्तशिल्प की दुकानों पर मैनपुरी की लकड़ी पर तारकशी के राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित कारीगर राजकुमार की कलाकृतियां लोगों का ध्यान खींच रही हैं। भदोही के कालीन, मैसूर की लकड़ी से बनी थ्री-डी तस्वीरें और सहारनपुर का एंटीक फर्नीचर भी आकर्षण का केंद्र हैं। राजवाड़ा सोफा, राजमहल की सजावट के लिए तैयार फर्नीचर और लकड़ी के झूले लोगों को पसंद आ रहे हैं। हिमाचल की पारंपरिक काठ-कुनी शैली से प्रेरित घरों के नमूने भी प्रदर्शित किए गए हैं। खानपान के स्टॉलों पर मुजफ्फरनगर का गुड़, राजस्थान के 56 प्रकार के अचार और केरल का ड्राई फ्रूट हलवा, नमकीन सहित अन्य खाद्य उत्पाद उपलब्ध हैं। गाजीपुर के जूट से बने सजावटी सामान और घरेलू उपयोग की वस्तुएं भी लोगों को लुभा रही हैं। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के डिप्टी सीईओ सतीश चंद्र ने बताया कि ब्रजरज उत्सव का बाजार देशभर की लोककलाओं, हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों को एक मंच प्रदान कर रहा है। मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों के अनुरूप स्थानीय और पारंपरिक कारीगरों को अपने हुनर के प्रदर्शन के साथ कारोबार के अवसर उपलब्ध कराना इसका उद्देश्य है। बाजार में खादी, स्वदेशी और एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत विभिन्न जिलों के विशिष्ट उत्पादों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

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