चार तहसीलों में 20 जनशिकायतों का अंतिम समाधान:DM ने दिया था जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण का निर्देश
सरकारी दफ्तरों में फाइलों को दबाकर बैठने वाले और जनता को दौड़ाने वाले लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ ज़िलाधिकारी अनुनय झा ने सीधी जंग छेड़ दी है। जिले में शुरू हुए 'मिशन संपूर्ण समाधान' ने मंगलवार को उस समय हड़कंप मचा दिया, जब डीएम के सीधे निर्देश पर चार बड़ी तहसीलों में ताबड़तोड़ छापेमारी जैसी कार्रवाई हुई। देखते ही देखते 20 बड़ी जनशिकायतों का खेल खत्म कर उनका अंतिम निस्तारण कर दिया गया। मंगलवार का दिन जिले की चार तहसीलों—ठाकुरद्वारा, कांठ, सदर और बिलारी—के लापरवाह अमले के लिए भारी साबित हुआ। डीएम के रडार पर आईं इन तहसीलों में एक साथ एक्शन शुरू हुआ। अधिकारियों को साफ अल्टीमेटम था—'काम करो या कार्रवाई झेलो'। इसके बाद हर तहसील से 5-5 सबसे पेचीदा और अटके हुए मामलों को फाइलों से बाहर निकाला गया। मौके पर ही जांच की गई, कानून का डंडा चला और पीड़ितों को उनका हक सौंपकर ही अधिकारी दफ्तरों से उठे। निस्तारण होते ही तुरंत पीड़ितों को फोन खटखटाकर कार्रवाई की रिपोर्ट दी गई। सरकारी राजस्व अभिलेखों में लंबे समय से अटके नाम एवं हिस्सेदारी के संशोधनों को दुरुस्त किया गया। इसके साथ ही पैतृक संपत्ति की वरासत दर्ज करने के मामलों को तुरंत निपटाया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में आम रास्ते और चकरोड पर दबंगों द्वारा किए गए अवैध कब्जों को हटवाकर उन्हें पूरी तरह कब्जामुक्त कराया गया। पात्र नागरिकों के लंबित आय एवं जाति प्रमाण पत्र मौके पर जारी किए गए। इसके अलावा राशन कार्ड की विसंगतियों और कोटे से जुड़ी जनशिकायतों का स्थायी समाधान किया गया। ज़िलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जनता की समस्याओं के निस्तारण में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मामलों के निष्पक्ष, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान पर विशेष ज़ोर दिया। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आमजन की जायज समस्याओं का स्थानीय स्तर पर ही प्रभावी निस्तारण हो सके, ताकि उन्हें अपने काम के लिए अनावश्यक रूप से जिला मुख्यालय या सरकारी कार्यालयों की दौड़ न लगानी पड़े।
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