हमने योजना बनाई, कोई टोंटी चुरा रहा: योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित उत्तर प्रदेश स्वच्छ वायु प्रबंधन परियोजना के शुभारंभ और वृक्षारोपण महाअभियान-2026 के प्रतीक चिन्ह अनावरण कार्यक्रम में हर घर नल योजना का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार जनहित की योजनाओं को आगे बढ़ा रही है, लेकिन कुछ लोग सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कहीं टोंटी चोरी की जा रही है तो कहीं सरकारी संसाधनों को क्षति पहुंचाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
दि राइजिंग न्यूज़। लखनऊ। 05 जून 2026
हर घर नल योजना का किया उल्लेख
राजधानी लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हर घर नल योजना के माध्यम से लाखों परिवारों को लाभ पहुंचाया जा रहा है और सरकार इस योजना का दायरा लगातार बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं को सफल बनाने के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि जनता की भागीदारी भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब सार्वजनिक संसाधनों की सुरक्षा होगी तभी योजनाओं का पूरा लाभ लोगों तक पहुंच सकेगा।
टोंटी चोरी का उदाहरण देकर कही बड़ी बात
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने हर घर नल योजना को आगे बढ़ाया है, लेकिन कुछ स्थानों पर ऐसे मामले सामने आए हैं जहां लोग टोंटी तक चोरी कर लेते हैं। उन्होंने कहा कि कहीं सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया जाता है तो कहीं सरकारी संसाधनों को क्षति पहुंचाने का प्रयास किया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज का दायित्व है कि ऐसे लोगों को रोके और सार्वजनिक संपत्तियों की रक्षा में सहयोग करे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी संपत्ति किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि पूरे समाज की संपत्ति होती है।
नदियों और जल स्रोतों को बचाने पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में बढ़ते अतिक्रमण को गंभीर समस्या बताया। उन्होंने कहा कि नदियों और जल स्रोतों के आसपास होने वाले अवैध कब्जे पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा हैं। उन्होंने कहा कि जल स्रोतों को सुरक्षित रखना आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने जैसा है। यदि जल स्रोत नष्ट होंगे तो भविष्य में जल संकट और अधिक गहरा सकता है।
कुकरैल क्षेत्र का दिया उदाहरण
मुख्यमंत्री ने लखनऊ के कुकरैल क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां अवैध कब्जों को हटाकर सौमित्र वन विकसित किया गया है। उन्होंने बताया कि जो क्षेत्र कभी अतिक्रमण की समस्या से प्रभावित था, वह आज राजधानी के प्रमुख प्राकृतिक स्थलों में शामिल हो चुका है। उन्होंने कहा कि यह उदाहरण बताता है कि यदि इच्छाशक्ति और जनसहयोग हो तो पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में बड़े परिवर्तन संभव हैं।
भू-माफिया और वन-माफिया पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि भू-माफिया, वन-माफिया, अवैध कटान करने वाले लोग, वन्यजीव तस्कर और अवैध खनन में शामिल तत्व प्रकृति के सबसे बड़े शत्रु हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की गतिविधियां पर्यावरण को नुकसान पहुंचाती हैं और प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ती हैं। इनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई और जनजागरूकता दोनों आवश्यक हैं।
एक पेड़ मां के नाम अभियान का आह्वान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने "एक पेड़ मां के नाम" अभियान का उल्लेख करते हुए प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि केवल पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी सुरक्षा और देखभाल भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। प्रत्येक नागरिक को लगाए गए पौधे के संरक्षण की जिम्मेदारी स्वयं उठानी चाहिए।
बदलते मौसम चक्र पर जताई चिंता
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ दशकों में मौसम चक्र में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि जो मौसम पहले एक निश्चित समय पर आता था, अब उसमें एक से डेढ़ महीने तक का अंतर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन पर्यावरण के साथ हुए लंबे समय के खिलवाड़ का परिणाम है और इसके दुष्परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं।
किसानों पर पड़ सकता है सबसे अधिक असर
मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम चक्र में बदलाव का सबसे बड़ा प्रभाव किसानों पर पड़ता है। अतिवृष्टि, अनावृष्टि और असमय प्राकृतिक आपदाएं कृषि उत्पादन को प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो खाद्यान्न संकट जैसी परिस्थितियां भी उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए पर्यावरण संरक्षण को केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि जनआंदोलन बनाना होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के साथ-साथ उनकी सुरक्षा और संरक्षण में भी सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।