मानसून सत्र से पहले कांग्रेस का बड़ा दांव

संसद के मानसून सत्र से पहले कांग्रेस ने कई महत्वपूर्ण प्रस्तावित विधेयकों का विरोध करने का ऐलान किया है। पार्टी ने कहा है कि परिसीमन, संविधान संशोधन, एक राष्ट्र-एक चुनाव, विदेशी अंशदान विनियमन कानून संशोधन और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून में बदलाव जैसे प्रस्तावों का संसद के भीतर और बाहर विरोध किया जाएगा।

मानसून सत्र से पहले कांग्रेस का बड़ा दांव

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 16 जुलाई 2026

संसद के मानसून सत्र से पहले कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक रणनीति का खुलासा कर दिया है। पार्टी की संसदीय रणनीति समिति की करीब डेढ़ घंटे चली बैठक के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि सरकार यदि कई महत्वपूर्ण विधेयकों को सदन में लाती है तो उनका विरोध किया जाएगा। पार्टी का कहना है कि इन प्रस्तावों का असर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक ढांचे पर पड़ सकता है, इसलिए विपक्ष एकजुट होकर सरकार को घेरने की तैयारी करेगा।बैठक के बाद पार्टी नेताओं ने कहा कि अभी तक सरकार ने आधिकारिक रूप से यह जानकारी नहीं दी है कि मानसून सत्र में कौन-कौन से विधेयक पेश किए जाएंगे। इसी कारण संभावित प्रस्तावों को ध्यान में रखते हुए पहले से रणनीति तैयार की गई है ताकि संसद में प्रभावी ढंग से विपक्ष का पक्ष रखा जा सके।


सरकार से मांगी जाएगी पूरी जानकारी

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में सरकार से मानसून सत्र के एजेंडे और प्रस्तावित विधेयकों की पूरी जानकारी मांगी जाएगी। पार्टी का कहना है कि संसद के सुचारु संचालन के लिए विपक्ष को पहले से जानकारी मिलना आवश्यक है ताकि सभी दल अपनी तैयारी कर सकें। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार अक्सर महत्वपूर्ण विधेयकों को बिना पर्याप्त चर्चा के आगे बढ़ाने का प्रयास करती है।पार्टी ने यह भी कहा कि सर्वदलीय बैठक अब केवल औपचारिक प्रक्रिया बनकर रह गई है। विपक्ष की ओर से उठाए गए मुद्दों और सुझावों को गंभीरता से नहीं लिया जाता, जिससे लोकतांत्रिक संवाद कमजोर होता है।


परिसीमन और संविधान संशोधन पर सख्त रुख

कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार परिसीमन संबंधी विधेयक लाती है तो उसका पूरे जोर-शोर से विरोध किया जाएगा। पार्टी का मानना है कि इस विषय पर व्यापक सहमति और सभी राज्यों से विचार-विमर्श जरूरी है। कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि इस मुद्दे पर अन्य विपक्षी दलों को भी साथ लेकर संयुक्त रणनीति बनाई जाएगी।संविधान संशोधन के किसी भी प्रस्ताव पर भी कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी का आरोप है कि भारतीय जनता पार्टी लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत हासिल करने की दिशा में राजनीतिक प्रयास कर रही है। कांग्रेस का कहना है कि संविधान की मूल भावना से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।


एक राष्ट्र-एक चुनाव समेत अन्य प्रस्तावों का भी विरोध

बैठक में एक राष्ट्र-एक चुनाव से जुड़े प्रस्ताव पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कांग्रेस ने कहा कि लोकसभा, विधानसभा और अन्य चुनाव एक साथ कराने की योजना का समर्थन नहीं किया जाएगा। पार्टी का मानना है कि इससे संघीय व्यवस्था और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है।इसके अलावा विदेशी अंशदान विनियमन कानून में प्रस्तावित संशोधन तथा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून में बदलाव का भी विरोध करने का निर्णय लिया गया है। कांग्रेस का कहना है कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े कानून में परिवर्तन का असर करोड़ों लाभार्थियों पर पड़ सकता है।


विपक्ष को साथ लाने की तैयारी

कांग्रेस नेताओं ने बताया कि पार्टी उन सभी विपक्षी दलों से संपर्क कर रही है जिन्होंने पहले भी परिसीमन और अन्य संवेदनशील मुद्दों पर समान राय रखी थी। संसद के भीतर और बाहर साझा रणनीति तैयार करने की दिशा में लगातार बातचीत की जा रही है ताकि सरकार के प्रस्तावों का संगठित तरीके से सामना किया जा सके।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मानसून सत्र में इन मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है। ऐसे में आगामी सत्र काफी हंगामेदार रहने की संभावना जताई जा रही है।


महत्वपूर्ण बिंदु

  • कांग्रेस ने मानसून सत्र से पहले संसदीय रणनीति तय की।
  • परिसीमन विधेयक का विरोध करने का ऐलान।
  • संविधान संशोधन के प्रस्तावों पर भी सख्त रुख।
  • एक राष्ट्र-एक चुनाव का समर्थन नहीं करेगी कांग्रेस।
  • विदेशी अंशदान विनियमन कानून और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून में बदलाव का भी विरोध।
  • विपक्षी दलों के साथ संयुक्त रणनीति बनाने की तैयारी।