शशांक सिंह बोले- मुझे ब्लैकमेल कर रहा था कुक
घरेलू रसोइए की शिकायत पर दर्ज एफआईआर के बाद क्रिकेटर शशांक सिंह ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने दावा किया कि संबंधित व्यक्ति संदिग्ध गतिविधियों में शामिल था और परिवार को ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहा था।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 1 जुलाई 2026
घरेलू रसोइए द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के बाद भारतीय क्रिकेटर शशांक सिंह ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपने और अपने पिता, सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी शैलेश सिंह, के खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि शिकायतकर्ता परिवार को ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहा था।
आरोपों को बताया पूरी तरह झूठा
एक विशेष बातचीत में शशांक सिंह ने कहा कि शिकायतकर्ता 25 जून की शाम उनके घर आया था और 28 जून की सुबह वहां से चला गया। ऐसे में उसे बंधक बनाकर रखने और मारपीट करने के आरोप तथ्यहीन हैं।उन्होंने कहा कि शिकायत में जिन घटनाओं का उल्लेख किया गया है, वैसी कोई घटना उनके घर में नहीं हुई। मामले को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है और जांच के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।
सिफारिश पर घर में रखा गया था काम पर
शशांक सिंह के अनुसार, संबंधित व्यक्ति उनके पिता के एक मित्र की सिफारिश पर घर में काम करने आया था। उसने खुद को अनुभवी और कुशल रसोइया बताया था, लेकिन बाद में स्वीकार किया कि उसे खाना बनाने का पर्याप्त अनुभव नहीं है।क्रिकेटर का कहना है कि परिवार ने उसे अवसर दिया, लेकिन कुछ समय बाद उसकी गतिविधियों ने संदेह पैदा कर दिया।
कीमती सामानों के वीडियो बनाने का आरोप
शशांक सिंह ने आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति घर के निजी हिस्सों तक पहुंच गया और वहां रखी महंगी तथा कीमती वस्तुओं के वीडियो बनाने लगा।उनके मुताबिक, शिकायतकर्ता ने बेडरूम और अन्य कमरों में मौजूद सामान की रिकॉर्डिंग की तथा उन वीडियो को अन्य लोगों के साथ साझा भी किया। इसके अलावा ड्राइंग रूम में रखी चांदी की गणेश प्रतिमाओं की तस्वीरें भी ली गईं।उन्होंने यह भी दावा किया कि घर से चांदी की एक गणेश प्रतिमा गायब है और परिवार इस संबंध में जानकारी जुटा रहा है।
'मारपीट हुई होती तो निशान दिखाई देते'
मारपीट के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए शशांक सिंह ने कहा कि जब संबंधित व्यक्ति घर छोड़कर जा रहा था, तब उनके पिता ने मोबाइल फोन से उसका वीडियो रिकॉर्ड किया था।उनके अनुसार, उस वीडियो में उसके शरीर पर किसी प्रकार की चोट या मारपीट के निशान दिखाई नहीं दे रहे थे। न ही उसके कपड़े फटे हुए थे। शशांक का कहना है कि बाद में बाहर जाकर लगाए गए आरोप वास्तविकता से मेल नहीं खाते।
ब्लैकमेल की आशंका जताई
क्रिकेटर ने आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता की गतिविधियां शुरू से ही संदिग्ध थीं। उनका मानना है कि हाई-प्रोफाइल परिवार से जुड़े होने के कारण वह इस स्थिति का फायदा उठाकर आर्थिक लाभ लेने या दबाव बनाने की कोशिश कर रहा था।उन्होंने कहा कि परिवार को अब लगता है कि यह पूरा मामला ब्लैकमेलिंग की मंशा से भी जुड़ा हो सकता है, हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
शशांक सिंह ने स्वीकार किया कि यदि उन्हें उस समय शिकायतकर्ता की गतिविधियों पर गंभीर संदेह था तो पुलिस को तत्काल सूचना देनी चाहिए थी। हालांकि उन्होंने कहा कि मानवीय आधार पर उन्होंने ऐसा नहीं किया।फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों और दावों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों, बयानों और तकनीकी जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।मामले को लेकर अब सभी की नजर पुलिस जांच और उसके निष्कर्षों पर टिकी हुई है, जिससे पूरे विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।