मिलावटी तेल के सेवन से एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत

झारखंड के पलामू जिले में कथित रूप से मिलावटी खाद्य तेल के सेवन से एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि एक महिला का रांची स्थित रिम्स अस्पताल में इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस मामले की जांच में जुटे हैं।

मिलावटी तेल के सेवन से एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत

दि राइजिंग न्यूज़ | रांची/मेदिनीनगर | 1 जुलाई 2026

झारखंड के पलामू जिले से एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां कथित तौर पर मिलावटी खाद्य तेल के सेवन से एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई। वहीं परिवार की एक अन्य महिला का रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) में इलाज चल रहा है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत

जानकारी के अनुसार, सभी मृतक पलामू जिले के पड़वा थाना क्षेत्र के सिक्का गांव के निवासी थे। मृतकों की पहचान कुलदीप महतो (50), उनकी बेटी बबीता कुमारी (20), इंदु कुमारी, बहू श्वेता देवी (28) और बेटे नकुल महतो (20) के रूप में हुई है।परिवार की मुखिया लाखो देवी (52) की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका इलाज रांची के रिम्स अस्पताल में चल रहा है।

मिलावटी तेल से 'एपिडेमिक ड्रॉप्सी' की आशंका

रिम्स के जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. शिशिर के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई गई है कि मिलावटी खाद्य तेल के सेवन से परिवार के सदस्यों को 'एपिडेमिक ड्रॉप्सी' नामक विषाक्त बीमारी हो सकती है। यह बीमारी आमतौर पर तब होती है जब सरसों के तेल में Argemone mexicana नामक पौधे के बीजों का तेल मिल जाता है। यह शरीर के लिए अत्यंत हानिकारक माना जाता है और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

इलाज के दौरान भी नहीं हुआ सुधार

पलामू के सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि परिवार के कई सदस्यों को अलग-अलग समय पर अस्पताल लाया गया था और उनका इलाज भी किया गया। लेकिन परिवार को आधुनिक चिकित्सा पद्धति पर पूर्ण विश्वास नहीं था, जिसके कारण दवाइयों का नियमित सेवन नहीं किया गया।स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि समय पर और नियमित इलाज मिलने से स्थिति अलग हो सकती थी।

ओझा के बताए मिश्रण के सेवन का दावा

ग्रामीणों के अनुसार परिवार का एक सदस्य करीब छह महीने पहले बीमार पड़ा था। उसे उपचार के लिए एक स्थानीय ओझा के पास ले जाया गया था। आरोप है कि ओझा ने एक पाउडर दिया, जिसे सरसों के तेल में मिलाकर सेवन करने की सलाह दी गई।बताया जा रहा है कि परिवार ने लंबे समय तक उस मिश्रण का उपयोग किया, जिसके बाद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। हालांकि इस दावे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं।

स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की जांच जारी

घटना के बाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम मामले की जांच में जुट गई है। खाद्य तेल के नमूने और अन्य संदिग्ध पदार्थों को परीक्षण के लिए भेजा जा रहा है।अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल जांच और लैब रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि कथित मिलावटी तेल कहां से आया और उसमें किसी प्रकार की जहरीली मिलावट हुई थी या नहीं।इस घटना ने क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य जागरूकता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने लोगों से किसी भी प्रकार के संदिग्ध खाद्य पदार्थ के सेवन से बचने और स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है।