देवरिया में श्रीमद्भागवत कथा:रुक्मणी-कृष्ण विवाह का सुनाया प्रसंग, भीष्मक राजा ने धूमधाम से मनाया उत्सव
देवरिया के बैकुंठपुर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन वृंदावन से आए आचार्य श्याम बिहारी चतुर्वेदी ने रुक्मणी-कृष्ण विवाह का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि राजा भीष्मक की पुत्री रुक्मणी का विवाह उनके भाई रुक्मी ने शिशुपाल से तय कर दिया था। रुक्मणी ने द्वारकाधीश भगवान श्रीकृष्ण को पत्र लिखकर स्वयंवर में आने का निमंत्रण दिया। आचार्य ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने रुक्मी के 10 हजार सैनिकों को परास्त कर रुक्मणी का हरण किया। इसके बाद राजा भीष्मक ने धूमधाम से बारात बुलाकर विवाह उत्सव मनाया। इस अवसर पर यजमान हरिश्चंद्र तिवारी, शैलेंद्र तिवारी, केशव तिवारी, प्रिया, रिया सहित वन एवं पर्यावरण सदस्य संजय श्रीवास्तव, अखिलेश पांडे और दुर्गेश पांडे मौजूद रहे।
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