MLC चुनाव में हार के बाद बोले सपा प्रत्याशी दानिश:शुरू से ही लूटा गया चुनाव, 30% फर्जी वोटर बनाकर की गई लोकतंत्र की हत्या
बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक एमएलसी चुनाव के नतीजों के बाद समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी हाजी दानिश अख्तर ने व्यवस्था और चुनाव प्रक्रिया पर बेहद कड़े सवाल खड़े किए हैं। मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि यह शिक्षकों और उनके असल मुद्दों का चुनाव था, जिसे शुरू से ही लूटने की साज़िश रची गई। उन्होंने कहा कि हार-जीत अपनी जगह है, लेकिन जिस तरह से इस चुनाव में नियमों को दरकिनार किया गया, वह सीधे तौर पर लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा है। वोटर लिस्ट में भारी फर्जीवाड़ा: 30 फीसदी बनाए गए फर्जी मतदाता
दानिश अख्तर ने वोटर लिस्ट तैयार करने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि निर्वाचक नामावली में जमकर धांधली की गई। उन्होंने दावा किया कि करीब 30 फीसदी फर्जी लोग वोटर बना दिए गए, जो असल में मतदाता बनने के पात्र ही नहीं थे। हाई स्कूल और इंटर पास लोगों को मास्टर और टीचर दिखाकर मतदाता सूची में शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि यह शिक्षकों का चुनाव था और इसमें सिर्फ वास्तविक शिक्षक ही होने चाहिए थे, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। चुनाव आयोग पर साधा निशाना: 200 प्रत्यावेदन दिए, फिर भी बंद रखे कान
सपा प्रत्याशी ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव की शुरुआत से लेकर अब तक उन्होंने आयोग को कम से कम 200 प्रत्यावेदन सौंपे, लेकिन चुनाव आयोग ने पूरी तरह से अपने कान बंद रखे। इसके बाद 30 तारीख को हुए मतदान के दौरान भी जमकर धांधली की गई और बूथों पर लूट मची रही, जिससे चुनावी निष्पक्षता पूरी तरह खत्म हो गई। निरस्त वोटों का अनोखा खेल: 15 प्रत्याशी सिर्फ अवैध मतों से लड़ते दिखे
बैलेट पेपर से हुए चुनाव में बड़ी संख्या में वोट निरस्त होने के सवाल पर दानिश अख्तर ने कहा कि चुनाव मैदान में कुल 17 प्रत्याशी थे। उनका मुकाबला सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी से था, जबकि बाकी के 15 निर्दलीय व अन्य प्रत्याशी केवल निरस्त वोटों की संख्या से मुकाबला करते नजर आ रहे थे। किसी को 100, किसी को 200 तो किसी को 500 वोट मिले, जबकि निरस्त हुए मतों की संख्या इनसे कहीं ज्यादा थी, जो अपने आप में चुनावी इतिहास की अजीब तस्वीर है। वोट कहां गायब हुए संशय: वित्तविहीन शिक्षकों ने जमकर किया था समर्थन
नेताओं के प्रचार न करने के सवाल पर दानिश अख्तर ने साफ किया कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा पुरानी पेंशन बहाली (OPS) को लेकर की गई घोषणाओं का शिक्षकों और कर्मचारियों पर गहरा प्रभाव था। वित्तविहीन और मानदेय शिक्षकों ने समाजवादी पार्टी के पक्ष में खुलकर वोट किया था, लेकिन वो सारे वोट आखिर कहां चले गए, यह अब भी एक बड़ा संशय बना हुआ है। संगठन की जमीन मजबूत: विचारधारा और संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे
हार के बाद संगठन की सक्रियता और आगामी राजनीतिक चुनौतियों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि वे वैचारिक लोग हैं और कभी विचारधारा से समझौता नहीं करते। उन्होंने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लगातार जमीनी स्तर पर सक्रिय हैं और पूरे संगठन को जमीन पर काम करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। आने वाले समय में भी शिक्षक और जनता के हकों के लिए यह संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। सपा प्रत्याशी हाजी दानिश अख्तर - 3996
बीजेपी प्रत्याशी डॉ हरि सिंह ढिल्लों - 21672
निरस्त - 3183
बीजेपी प्रत्याशी डॉ हरि सिंह ढिल्लो - 17676 वोटो से विजय हुए
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