'प्रधानमंत्री मोदी के पास सुनहरा मौका', भारत-पाक वार्ता पर महबूबा मुफ्ती की बड़ी अपील
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भारत और पाकिस्तान के बीच वार्ता फिर से शुरू करने की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास जम्मू-कश्मीर से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे विवाद के समाधान का महत्वपूर्ण अवसर है। साथ ही उन्होंने सीमा खोलने, लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने और क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने की वकालत की।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 01 जुलाई 2026
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से बंद पड़ी वार्ता प्रक्रिया को फिर से शुरू करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उनका कहना है कि दोनों देशों के बीच संवाद बहाल होने से न केवल आपसी तनाव कम हो सकता है, बल्कि जम्मू-कश्मीर से जुड़े जटिल मुद्दों के समाधान की दिशा में भी सकारात्मक पहल संभव हो सकती है। उन्होंने इसे वर्तमान समय की सबसे महत्वपूर्ण कूटनीतिक जरूरत बताते हुए कहा कि बातचीत ही स्थायी शांति का रास्ता है।महबूबा मुफ्ती ने कहा कि उन्हें यह जानकर संतोष हुआ है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भी पाकिस्तान के साथ बातचीत की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए हैं। उनके अनुसार यदि विभिन्न पक्ष संवाद की आवश्यकता महसूस कर रहे हैं तो इसे सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में दोनों देशों के नेतृत्व को आगे बढ़कर वार्ता की पहल करनी चाहिए ताकि वर्षों से चले आ रहे गतिरोध को समाप्त किया जा सके।
जम्मू-कश्मीर मुद्दे के समाधान पर दिया जोर
महबूबा मुफ्ती का कहना है कि जम्मू-कश्मीर का विषय लंबे समय से भारत और पाकिस्तान के संबंधों के केंद्र में रहा है। उनके अनुसार यदि दोनों देशों के बीच नियमित और सार्थक बातचीत शुरू होती है तो इस विषय पर भी आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी विवाद का समाधान सैन्य या टकराव की नीति से नहीं बल्कि संवाद और आपसी विश्वास से ही संभव होता है।उन्होंने यह भी कहा कि सीमा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यदि दोनों देशों के बीच संबंध बेहतर होते हैं तो सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को राहत मिलेगी और व्यापार, पर्यटन तथा सामाजिक संपर्क को भी बढ़ावा मिलेगा। उनके अनुसार शांति का लाभ सबसे पहले आम नागरिकों तक पहुंचना चाहिए।
सीमा खोलने और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने की अपील
महबूबा मुफ्ती ने दोनों देशों के बीच लोगों के आवागमन को आसान बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि जब नागरिकों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और सांस्कृतिक प्रतिनिधियों के बीच संपर्क बढ़ता है तो आपसी विश्वास मजबूत होता है। इससे गलतफहमियां कम होती हैं और रिश्तों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलता है।उन्होंने कहा कि अच्छे पड़ोसी संबंध किसी भी क्षेत्र के विकास और स्थिरता के लिए आवश्यक होते हैं। यदि दोनों देश संवाद और सहयोग की नीति अपनाते हैं तो दक्षिण एशिया में शांति और आर्थिक प्रगति की नई संभावनाएं पैदा हो सकती हैं। उन्होंने इसे पूरे क्षेत्र के हित में बताया।
अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों का किया उल्लेख
महबूबा मुफ्ती ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के उस प्रसिद्ध विचार का उल्लेख किया जिसमें उन्होंने कहा था कि मित्र बदले जा सकते हैं, लेकिन पड़ोसी नहीं बदले जा सकते। उन्होंने कहा कि आज भी यह विचार उतना ही प्रासंगिक है और भारत तथा पाकिस्तान को इसी सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए।उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी ने भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों को पत्र लिखकर दोनों देशों के बीच वार्ता शुरू करने की अपील की है। पत्र में सीमा पर तनाव कम करने, आपसी विश्वास बहाल करने और लंबित मुद्दों के समाधान के लिए संवाद की प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया गया है।
सार्क की निष्क्रियता पर भी जताई चिंता
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय सहयोग की संभावनाएं भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के कारण प्रभावित हुई हैं। उनके अनुसार क्षेत्रीय सहयोग के लिए स्थापित मंचों की प्रभावशीलता भी इसी वजह से कमजोर पड़ी है। यदि दोनों देशों के संबंध सामान्य होते हैं तो पूरे क्षेत्र को इसका लाभ मिल सकता है।उन्होंने कहा कि दक्षिण एशियाई देशों के बीच आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक सहयोग बढ़ाने के लिए आपसी विश्वास का वातावरण जरूरी है। उनका मानना है कि संवाद की बहाली से क्षेत्रीय सहयोग को नई गति मिल सकती है और साझा विकास के अवसर भी बढ़ेंगे।
महबूबा मुफ्ती का संदेश
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि किसी भी प्रधानमंत्री का मूल्यांकन केवल उसकी राजनीतिक शक्ति से नहीं, बल्कि इस आधार पर भी किया जाता है कि उसने अपने कार्यकाल में कितने जटिल विवादों का शांतिपूर्ण समाधान निकाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भारत और पाकिस्तान के बीच संवाद शुरू करने का अवसर मौजूद है और इसका उपयोग क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए किया जाना चाहिए।