गला दबाया तो जीभ बाहर निकल आई:SRN में पिटाई की आपबीती, अधिवक्ता बोले- कमरे में बंद कर रॉड-डंडे से पीटा, सुइयां चुभोईं
प्रयागराज। 'चार-पांच लोगों ने पैर पकड़कर मुझे नीचे गिरा दिया। दो लोगों ने मेरा गला दबा दिया। मेरी जीभ बाहर निकल आई, आंखें चढ़ गईं और शरीर में कंपन होने लगी। इसके बाद क्या हुआ, मुझे कुछ पता नहीं। जब होश आया तो एक पुलिसकर्मी पानी पिला रहा था।' यह आपबीती है अधिवक्ता सर्वेश शुक्ला की, जो एक अनाथ मरीज को इलाज के लिए स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल लेकर पहुंचे थे। उनका आरोप है कि ट्रामा सेंटर में इलाज की गुहार लगाने पर उनके साथ और उनके चालक कृष्ण कुमार केशरवानी के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। अब इस मामले में हाईकोर्ट के अधिवक्ता रजनीश सिंह ने पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी से कठोर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि कार्रवाई नहीं हुई तो सोमवार को दोनों अधिकारियों के कार्यालय का घेराव किया जाएगा। मरीज की हालत गंभीर थी अल्लापुर निवासी अधिवक्ता सर्वेश ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि गुरुवार शाम करीब साढ़े छह से सात बजे के बीच वह अपने चालक कृष्ण कुमार केशरवानी के साथ अनाथ बहादुर नाम के व्यक्ति को लेकर एसआरएन अस्पताल पहुंचे थे। सर्वेश के मुताबिक, मरीज का कोई अपना नहीं है। उसकी हालत गंभीर थी और उसे तत्काल इलाज की जरूरत थी। सर्वेश ने बताया, हमें पता नहीं था कि मरीज को अस्पताल में कहां दिखाना है। वहां मौजूद गार्ड से पूछा तो उसने ट्रामा सेंटर के कमरा नंबर 244 में जाने को कहा। हम वहां पहुंचे तो चश्मा और मास्क लगाए एक डॉक्टर बैठे थे। मेरे ड्राइवर ने उनसे कहा कि मरीज बहुत गंभीर है, कृपया जल्द इलाज कर दीजिए। किसी भी समय कुछ भी हो सकता है। उनका कहना है कि डॉक्टर ने दस मिनट इंतजार करने को कहा। चालक कुछ देर बाद दोबारा अनुरोध करने पहुंचा तो उसके साथ अभद्रता की गई। सर्वेश के मुताबिक, चालक की बात सुनकर उन्होंने डॉक्टर से कहा कि मरीज की हालत गंभीर है और परिजन नहीं होने के कारण वे उसकी मदद के लिए आए हैं। ऐसे में मरीज के साथ आए लोगों से इस तरह बात करना ठीक नहीं है। परिचय देने पर भी बदतमीजी सर्वेश का आरोप है कि डॉक्टर ने उनकी बात का भी अभद्र तरीके से जवाब दिया। उन्होंने बताया, मैंने कहा कि आप डॉक्टर हैं और मैं अधिवक्ता हूं। मरीज परेशान होकर यहां आया है, आप उससे ठीक से बात कीजिए। इस पर भी बदतमीजी की गई। सर्वेश के मुताबिक, विवाद बढ़ने पर उन्होंने अपने आईफोन से वीडियो बनाना शुरू कर दिया। उनका आरोप है कि इसी दौरान 10-15 लोग वहां पहुंचे और उनके साथ मारपीट करने लगे। उनका मोबाइल छीन लिया गया और गले में पहनी करीब दो तोले की सोने की चेन भी छीन ली गई। उन्होंने बताया कि इसके बाद उन्हें जनरल वार्ड से घसीटकर दूसरे कमरे में ले जाया गया। उनके चालक कृष्ण कुमार को भी वहां ले जाया गया। सर्वेश का आरोप है कि कमरे में लाइट बंद कर दी गई और दोनों को बेरहमी से पीटा गया। कुर्सी से बांधकर मारा सर्वेश ने आरोप लगाया कि कमरे में उनके साथ मारपीट के दौरान रॉड, लाठी और डंडे का इस्तेमाल किया गया। उन्हें कुर्सी से बांधकर पीटा गया और शरीर में सुइयां चुभोई गईं। विरोध करने पर उन्हें बाथरूम में बंद करने की बात कही गई। उन्होंने बताया, मैं किसी तरह टेबल पकड़कर बैठ गया था। तभी चार-पांच लोगों ने पैर पकड़कर मुझे नीचे गिरा दिया। करीब दो लोगों ने मेरा गला दबाया। मेरी जीभ बाहर निकल आई थी, आंखें चढ़ गई थीं और शरीर में कंपन होने लगी थी। इसके बाद मैं बेहोश हो गया। जब होश आया तो एक पुलिसकर्मी पास था। वह पानी के छींटे मार रहा था और उन्हें पानी पिला रहा था। उसी पुलिसकर्मी की मदद से वह वहां से निकलकर पास की पुलिस चौकी पहुंचे। चालक की आपबीती- ‘नाक से खून निकल रहा था, आंखों में सूजन थी’ सर्वेश के चालक कृष्ण कुमार केशरवानी ने भी घटना का अपना पक्ष बताते हुए कहा कि वह मरीज की गंभीर हालत को लेकर डॉक्टर से लगातार इलाज करने का अनुरोध कर रहा था। कृष्ण कुमार के मुताबिक, मैंने डॉक्टर से कहा कि मरीज को साकेत अस्पताल से रेफर कराकर लाया हूं। उसकी हालत बहुत गंभीर है, जल्द इलाज कर दीजिए। पहले दस मिनट इंतजार करने को कहा गया। दोबारा अनुरोध किया तो कथित तौर पर गाली देकर बात की गई। साहब ने इसका विरोध किया तो विवाद बढ़ गया। चालक का आरोप है कि इसके बाद दोनों को घसीटकर कमरे में ले जाया गया। वहां दरवाजा बंद कर दिया गया और मारपीट शुरू कर दी गई। उसने कहा कि कई लोग बारी-बारी से कमरे में आते रहे और दोनों को पीटते रहे। कृष्ण कुमार ने बताया, मुझे भी कई थप्पड़ मारे गए। रॉड से पीटा गया। नाक से खून निकल रहा था और आंखों में सूजन आ गई थी। हम तो एक अनाथ मरीज का इलाज कराने गए थे। अगर मरीज के साथ उसके घरवाले अकेले जाते तो उनके साथ क्या होता? ‘पत्नी वीडियो बना रही थीं, तभी पेट में मारी लात’ सर्वेश के मुताबिक, पुलिस चौकी पहुंचने के बाद उन्होंने फोन करके अपनी पत्नी प्रीति शुक्ला को घटना की जानकारी दी। पत्नी वहां पहुंचीं तो उन्होंने घटनाक्रम का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। सर्वेश का आरोप है कि इस दौरान चश्मा और मास्क लगाए एक व्यक्ति वहां से निकलने की कोशिश करने लगा। उसने पुलिसकर्मियों के सामने ही उनकी पत्नी के पेट में लात मार दी। इसके बाद वहां मौजूद लोग चले गए। सर्वेश ने बताया कि बाद में उन्होंने पुलिस को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया और अब दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई चाहते हैं। कार्रवाई नहीं हुई तो सोमवार को होगा घेराव इस मामले में हाईकोर्ट के अधिवक्ता रजनीश सिंह ने पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी से कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मामले में कार्रवाई नहीं होती है तो सोमवार को पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया जाएगा। उधर इस मामले में कोतवाली पुलिस तीसरे दिन भी आगे नहीं बढ़ सकी। कोतवाली प्रभारी सुधीर कुमार सिंह ने कहा कि मुकदमा दर्ज है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
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