हादसे ने बदल दी जिंदगी,लेकिन नहीं टूटा हौसला:पैरा एशियन गेम्स में मथुरा के युवक ने लहराया परचम, सिल्वर मेडल जीतकर देश का नाम किया रोशन
हादसे ने जिंदगी बदल दी,लेकिन मन में जो हौसला था वह टूटने नहीं दिया। यही बजह रही कि मथुरा के गांव नरी के रहने वाले राम रतन सिंह ने अपने हौसले के बल पर पांचवें पैरा एशियन गेम्स में डिस्क थ्रो में सिल्वर मेडल जीतकर जिले का ही नहीं पूरे देश का सर गर्व से ऊंचा कर दिया। राम रतन सिंह की इस सफलता से परिवार ही नहीं उनके चाहने वाले भी फूले नहीं समा रहे। राम रतन सिंह के घर वापसी आने पर जोरदार स्वागत की तैयारी में गांव वासी पलक पांवड़े बिछाए इंतजार में बैठे हैं। जापान में चल रही प्रतियोगिता जापान के आईची प्रांत में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में मथुरा जिले के छाता इलाके के गांव नरी निवासी पैरा एथलीट राम रतन सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया है। पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा (F51/F52/F53) में उन्होंने 10.35 मीटर की दूरी तक चक्का फेंककर दूसरा स्थान हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि से गांव नरी सहित पूरे मथुरा जिले और देश में खुशी की लहर है। 2017 में हादसे ने बदल दी जिंदगी, लेकिन नहीं टूटे हौसले राम रतन सिंह के जीवन में वर्ष 2017 एक बड़ा बदलाव लेकर आया। बाइक दुर्घटना के कारण उनके हाथ-पैरों ने काम करना बंद कर दिया और उन्हें गंभीर शारीरिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। यह समय उनके और उनके परिवार के लिए बेहद कठिन था। हालांकि, उन्होंने विपरीत परिस्थितियों के सामने हार मानने के बजाय संघर्ष का रास्ता चुना और अपने जीवन को नई दिशा देने का संकल्प लिया। संघर्ष और मेहनत के दम पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर बनाई पहचान शारीरिक कठिनाइयों के बावजूद राम रतन सिंह ने हिम्मत नहीं हारी। निरंतर मेहनत, आत्मविश्वास और दृढ़ इच्छा शक्ति के दम पर उन्होंने खेल के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई। जापान में रजत पदक जीतकर उन्होंने साबित कर दिया कि मजबूत इरादों के सामने मुश्किलें भी छोटी पड़ जाती हैं। गांव नरी से जापान तक, उपलब्धि पर क्षेत्र को गर्व राम रतन सिंह की यह सफलता केवल एक पदक तक सीमित नहीं है, बल्कि संघर्ष और आत्मविश्वास की प्रेरणादायक मिसाल है। गांव नरी से निकल कर अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना और रजत पदक जीतना पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। उनकी उपलब्धि से युवा खिलाड़ियों और दिव्यांगजनों को अपने सपनों को पूरा करने की नई प्रेरणा मिलेगी। राम रतन सिंह ने अपनी मेहनत और हौसले से यह संदेश दिया है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, दृढ़ संकल्प और लगातार प्रयास से सफलता हासिल की जा सकती है। उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि पर परिवार, ग्रामीणों और खेल प्रेमियों की ओर से बधाइयों एवं शुभकामनाओं का सिलसिला जारी है।
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