हत्या के मामले में 3 दोषियों को उम्रकैद:11 साल पुराने हत्याकांड में 40-40 हजार रुपए जुर्माना भी लगा, छात्र से कुकर्म में आजीवन कारावास
कन्नौज में अदालत ने दो अलग-अलग मामलों में फैसला सुनाया है। 11 साल पुराने हत्या के मामले में तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा दी गई है। वहीं, कक्षा 5 के छात्र से कुकर्म के मामले में पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी को आजीवन कठोर कारावास और 1,52,100 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। मजदूरी के रुपए लेने जा रहे युवक की गोली मारकर हत्या पहला मामला गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के डिलियाभूड़ भंवरगाढ़ा गांव का है। करीब 11 साल पुराने इस मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने फैसला सुनाया। मृतक मिथुन के पिता किशन कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि उनका बेटा 3 जनवरी को सुबह करीब 9:30 बजे मजदूरी के रुपए लेने खुदागंज जाने के लिए घर से निकला था। सुबह करीब 10 बजे वह बागपुर्वा निवासी ओमकार और जदुनाथ सिंह के खेत के पास पहुंचा। आरोप है कि वहां आरोपियों ने उसे घेर लिया। आरोपियों ने मिथुन से कहा कि उसके चाचा ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराकर उन्हें जेल भिजवाया था। इसलिए वे उसे जिंदा नहीं छोड़ेंगे। इसी दौरान भीमसेन उर्फ भीमा ने तमंचे से मिथुन पर फायर कर दिया। गोली पेट में लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौत हो गई। बीच-बचाव करने पहुंचे ओमकार को भी आरोपी किशन और रामदीन ने लाठी-डंडों से पीटकर घायल कर दिया। ग्रामीणों को आता देख आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच की और आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। 13 गवाहों के बयान के आधार पर सुनाया फैसला सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 13 गवाह पेश किए गए। साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने किशन, भीमसेन उर्फ भीमा और रामदीन को हत्या का दोषी करार दिया। तीनों को आजीवन कारावास और 40-40 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई गई। मामले के चौथे आरोपी विश्राम की विचारण के दौरान मौत हो गई थी। 11 वर्षीय छात्र से कुकर्म के आरोपी को उम्रकैद दूसरा मामला छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का है। किसान ने 29 मार्च 2022 को कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 28 मार्च की रात करीब 11 बजे उनका 11 वर्षीय बेटा खेत पर सिंचाई कराने गया था। वह कक्षा 5 का छात्र है। आरोप है कि खेत पर मौजूद टिप्पू उर्फ रामरतन ने सबमर्सिबल पंप बंद करने के बहाने बच्चे को झोपड़ी में बुलाया और उसके साथ कुकर्म किया। विरोध करने पर आरोपी ने बच्चे का मुंह कपड़े से बंद कर दिया। साथ ही शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण करने के बाद पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराया। अदालत ने उसे आजीवन कठोर कारावास और 1,52,100 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माने की पूरी राशि पीड़ित के उपचार और पुनर्वास के लिए देने का आदेश दिया गया।
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