पाकिस्तान पर भारत की ऐतिहासिक जीत
एफआईएच प्रो लीग 2025-26 में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने पाकिस्तान को 7-1 से करारी शिकस्त दी। शुरुआती गोल से पिछड़ने के बावजूद भारत ने शानदार वापसी करते हुए लगातार सात गोल दागे और अपने चिर प्रतिद्वंद्वी को एकतरफा मुकाबले में मात दे दी।
दि राइजिंग न्यूज़ | लंदन | 28 जून 2026
एफआईएच प्रो लीग 2025-26 में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने अपने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए 7-1 से ऐतिहासिक जीत दर्ज की। लंदन के ली वैली हॉकी एंड टेनिस सेंटर में खेले गए इस हाईवोल्टेज मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने हर विभाग में पाकिस्तान को पीछे छोड़ दिया। शुरुआती झटके के बाद टीम इंडिया ने जिस तरह वापसी की, उसने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।यह जीत केवल तीन अंक हासिल करने तक सीमित नहीं रही, बल्कि भारतीय टीम ने एक बार फिर एशियाई हॉकी में अपने दबदबे का प्रदर्शन किया। इंग्लैंड के खिलाफ पिछले मुकाबले में मिली हार के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने दमदार वापसी कर अपने समर्थकों को जश्न मनाने का अवसर दिया।
शुरुआती बढ़त के बाद पाकिस्तान बिखरा
मैच की शुरुआत में भारतीय टीम ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और लगातार आक्रमण किए। हालांकि शुरुआती अवसरों को भुनाने में टीम सफल नहीं रही। इसका फायदा उठाते हुए पाकिस्तान ने 13वें मिनट में बढ़त हासिल कर ली।पेनल्टी कॉर्नर पर पाकिस्तान के कप्तान अबू महमूद ने सटीक ड्रैग फ्लिक लगाकर अपनी टीम को 1-0 से आगे कर दिया। शुरुआती बढ़त मिलने के बाद पाकिस्तान ने मैच में दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने धैर्य बनाए रखा।
दूसरे क्वार्टर में भारत की वापसी
दूसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने आक्रामक खेल दिखाना शुरू किया। 20वें मिनट में सुखजीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर पर शानदार डिफ्लेक्शन के जरिए गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।इसके कुछ ही मिनट बाद भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलते हुए भारत को 2-1 की बढ़त दिला दी। इस गोल के बाद भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ गया और पाकिस्तान की रक्षापंक्ति पर लगातार दबाव बनने लगा।
तीसरे क्वार्टर में गोलों की बरसात
तीसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने मुकाबले को पूरी तरह एकतरफा बना दिया। इस दौरान भारत ने लगातार चार गोल दागकर पाकिस्तान की उम्मीदों को समाप्त कर दिया।हार्दिक सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत का तीसरा गोल किया। इसके बाद पाकिस्तान के एक आक्रमण को विफल करने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने तेज काउंटर अटैक किया, जिसका फायदा उठाते हुए जुगराज सिंह ने चौथा गोल दाग दिया।कुछ ही देर बाद अभिषेक ने शानदार रिवर्स हिट लगाकर स्कोर 5-1 कर दिया। इसके बाद राज कुमार पाल ने भी गोल कर भारत की बढ़त को और मजबूत कर दिया। मात्र एक क्वार्टर में चार गोल खाकर पाकिस्तान की टीम पूरी तरह दबाव में आ गई।
चौथे क्वार्टर में भी जारी रहा हमला
चौथे क्वार्टर में भी भारतीय टीम ने अपनी आक्रामक रणनीति जारी रखी। 54वें मिनट में मंदीप सिंह ने बाएं फ्लैंक से बेहतरीन मूव बनाया और दिलप्रीत सिंह को सटीक पास दिया।दिलप्रीत ने शानदार नियंत्रण दिखाते हुए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया और भारत की बढ़त 7-1 कर दी। इसके बाद पाकिस्तान ने वापसी की कोशिश की, लेकिन भारतीय डिफेंस ने कोई मौका नहीं दिया।
सात खिलाड़ियों ने दर्ज कराया नाम
भारतीय टीम की इस शानदार जीत में सात अलग-अलग खिलाड़ियों ने गोल किए। सुखजीत सिंह, हरमनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, जुगराज सिंह, अभिषेक, राज कुमार पाल और दिलप्रीत सिंह ने एक-एक गोल दागकर पाकिस्तान की हार सुनिश्चित की।टीम के सामूहिक प्रदर्शन ने यह दिखाया कि भारतीय हॉकी अब केवल कुछ खिलाड़ियों पर निर्भर नहीं है, बल्कि पूरे दल में मैच जिताने की क्षमता मौजूद है।
पाकिस्तान को चोट का भी झटका
मैच के दौरान पाकिस्तान को एक और बड़ा झटका लगा जब उसके डिफेंडर अहमद नदीम चोटिल हो गए। खेल के दौरान गेंद उनकी आंख के पास लग गई, जिसके बाद उन्हें मैदान से बाहर ले जाकर अस्पताल पहुंचाया गया।पाकिस्तान टीम प्रबंधन के अनुसार उनकी स्थिति की जांच के लिए चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया है। चोट की गंभीरता को लेकर आगे की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
अंकतालिका में भारत की स्थिति
इस जीत के साथ भारतीय टीम के 17 अंक हो गए हैं और वह प्रो लीग की अंकतालिका में सातवें स्थान पर पहुंच गई है। दूसरी ओर पाकिस्तान को इस सीजन में अपनी पहली जीत का इंतजार अभी भी बना हुआ है।भारतीय टीम अब अपने अगले और अंतिम प्रो लीग मुकाबले में इंग्लैंड का सामना करेगी। पाकिस्तान के खिलाफ मिली यह बड़ी जीत खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ आगामी मुकाबलों के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
बड़े मुकाबलों में दमदार टीम साबित हो रहा भारत
पाकिस्तान के खिलाफ 7-1 की यह जीत भारतीय हॉकी के हालिया वर्षों की सबसे यादगार जीतों में शामिल हो गई है। मैच ने एक बार फिर साबित कर दिया कि दबाव की परिस्थितियों में भारतीय टीम न केवल वापसी करना जानती है, बल्कि विपक्षी टीम पर पूरी तरह हावी होने की क्षमता भी रखती है।लंदन में मिली इस शानदार जीत ने भारतीय हॉकी प्रशंसकों को उत्साहित कर दिया है और टीम के भविष्य को लेकर उम्मीदें और मजबूत कर दी हैं।