पाकिस्तान का टेरर कनेक्शन फिर उजागर

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शोएब अख्तर के बड़े भाई शाहिद अख्तर के जनाजे में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े लोगों की कथित मौजूदगी को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। वायरल वीडियो और तस्वीरों के बाद पाकिस्तान में प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के राजनीतिक नेटवर्क पर फिर सवाल उठने लगे हैं।

पाकिस्तान का टेरर कनेक्शन फिर उजागर

दि राइजिंग न्यूज़ | इस्लामाबाद | 28 जून 2026

पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हालांकि इस बार वजह क्रिकेट नहीं बल्कि उनके बड़े भाई शाहिद अख्तर का जनाजा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों ने पाकिस्तान में प्रतिबंधित आतंकी संगठनों की गतिविधियों को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। दावा किया जा रहा है कि शाहिद अख्तर की नमाज ए जनाजा में लश्कर ए तैयबा और उससे जुड़े राजनीतिक संगठन पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे।

जनाजे के वीडियो से उठे सवाल

रिपोर्ट्स के अनुसार शाहिद अख्तर का जनाजा इस्लामाबाद के एच 8 कब्रिस्तान में संपन्न हुआ। जनाजे से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग के अध्यक्ष इनाम उर रहमान समेत कई लोगों के दिखाई देने का दावा किया जा रहा है।सोशल मीडिया पर यह भी कहा जा रहा है कि जनाजे से संबंधित वीडियो और तस्वीरें पीएमएमएल से जुड़े आधिकारिक मंचों पर साझा की गईं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद पाकिस्तान की भूमिका पर बहस तेज हो गई है।

लश्कर से जुड़े संगठन पर फिर चर्चा

पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग को लंबे समय से लश्कर ए तैयबा और उसके संस्थापक हाफिज सईद से जुड़ा संगठन माना जाता रहा है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कई बार यह आरोप लगाया गया है कि प्रतिबंधित संगठनों ने नए नामों और राजनीतिक मंचों के जरिए अपनी गतिविधियां जारी रखी हैं।वायरल तस्वीरों में इनाम उर रहमान को पहलगाम हमले के कथित मास्टरमाइंड सैफुल्लाह कसूरी के साथ भी दिखाए जाने का दावा किया गया है। इन तस्वीरों ने पूरे मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।

पाकिस्तान की राजनीतिक हस्तियां भी पहुंचीं

शाहिद अख्तर के निधन पर पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के स्पीकर सरदार अयाज़ सादिक भी शोएब अख्तर के घर पहुंचे। उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।नेशनल असेंबली की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि स्पीकर ने शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में धैर्य रखने की सलाह दी और हर संभव समर्थन का भरोसा दिया।

आतंकवादी नेटवर्क पर बढ़ी चिंता

जनाजे में कथित तौर पर प्रतिबंधित संगठन से जुड़े लोगों की मौजूदगी के दावों ने पाकिस्तान में आतंकवाद और राजनीतिक संरक्षण के मुद्दे को फिर चर्चा में ला दिया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान पर पहले भी यह आरोप लगते रहे हैं कि कुछ आतंकी संगठन अलग-अलग नामों से अपनी गतिविधियां जारी रखते हैं और उन्हें स्थानीय स्तर पर समर्थन मिलता है।यदि वायरल वीडियो और तस्वीरों में किए जा रहे दावे सही साबित होते हैं तो यह पाकिस्तान की आतंकवाद विरोधी प्रतिबद्धताओं पर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है। फिलहाल इस मामले को लेकर पाकिस्तान सरकार की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।