आयरलैंड ने रचा इतिहास, भारत को टी20 में दी पहली शिकस्त
बेलफास्ट में खेले गए पहले टी20 मुकाबले में आयरलैंड ने भारत को 34 रन से हराकर इतिहास रच दिया। भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आयरलैंड की यह पहली जीत है। 183 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम 148 रन पर सिमट गई। अभिषेक शर्मा की तेज अर्धशतकीय पारी के अलावा कोई बल्लेबाज प्रभाव नहीं छोड़ सका।
दि राइजिंग न्यूज़ | बेलफास्ट | 27 जून 2026
आयरलैंड ने भारत को हराकर रचा इतिहास
बेलफास्ट के सिविल सर्विस क्रिकेट क्लब मैदान पर खेले गए पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में आयरलैंड ने भारतीय टीम को 34 रन से हराकर बड़ा उलटफेर कर दिया। भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह आयरलैंड की पहली जीत है, जिसने क्रिकेट जगत को चौंका दिया है।दो मैचों की टी20 श्रृंखला के पहले मुकाबले में मेजबान टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 9 विकेट पर 182 रन बनाए। जवाब में भारतीय टीम 18.5 ओवर में 148 रन पर ऑलआउट हो गई।
श्रेयस अय्यर की कप्तानी की शुरुआत निराशाजनक
टी20 विश्व कप 2026 में खिताबी सफलता के बाद भारतीय टीम पहली बार इस प्रारूप में मैदान पर उतरी थी। सूर्यकुमार यादव के बाद श्रेयस अय्यर को टीम की कमान सौंपी गई, लेकिन बतौर कप्तान उनका पहला मुकाबला यादगार नहीं रहा।अय्यर बल्लेबाजी में भी प्रभाव नहीं छोड़ सके और केवल 3 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।
भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह बिखरी
183 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत खराब रही। संजू सैमसन 5 रन, ईशान किशन 1 रन और कप्तान श्रेयस अय्यर 3 रन बनाकर जल्दी आउट हो गए।हालांकि अभिषेक शर्मा ने शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए आयरिश गेंदबाजों पर दबाव बनाया। उन्होंने मात्र 19 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और 20 गेंदों में 50 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनकी पारी में 7 चौके और 2 छक्के शामिल रहे।पावरप्ले में भारत ने 68 रन बनाए, जिनमें से 47 रन अकेले अभिषेक शर्मा के बल्ले से निकले थे।
मध्यक्रम ने किया निराश
अभिषेक शर्मा के आउट होने के बाद भारतीय पारी लड़खड़ा गई। तिलक वर्मा 19 रन और वॉशिंगटन सुंदर 9 रन बनाकर आउट हो गए। सुंदर के आउट होते ही भारत का स्कोर 100 रन पर 6 विकेट हो गया।इसके बाद शिवम दुबे और अक्षर पटेल ने संघर्ष करते हुए सातवें विकेट के लिए 35 रन जोड़े। शिवम दुबे ने 25 रन और अक्षर पटेल ने 15 रन बनाए, लेकिन दोनों के आउट होते ही भारत की उम्मीदें लगभग समाप्त हो गईं।अंत में हर्षित राणा और अर्शदीप सिंह भी ज्यादा देर टिक नहीं सके और पूरी टीम 148 रन पर ढेर हो गई।
आयरलैंड के डेब्यू खिलाड़ियों ने मचाया धमाल
आयरलैंड की जीत में दो डेब्यू खिलाड़ियों की भूमिका सबसे अहम रही। तेज गेंदबाज मैथ्यू हॉलार्ड ने शानदार गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट लिए और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।दूसरे डेब्यूटेंट जय मूंदरा ने भी दो महत्वपूर्ण विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजी की रीढ़ तोड़ दी। स्पिनर मैथ्यू हम्प्रीज ने भी तीन विकेट लेकर भारत की वापसी की सभी संभावनाओं को समाप्त कर दिया।
आयरलैंड की पारी में कप्तान टकर चमके
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी आयरलैंड की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही। टीम ने पावरप्ले में तीन विकेट गंवा दिए थे।हर्षित राणा ने रॉस अडायर और टिम टेक्टर को आउट किया, जबकि अर्शदीप सिंह ने हैरी टेक्टर को खाता खोले बिना पवेलियन भेज दिया।इसके बाद कप्तान लोर्कन टकर और गैरेथ डेलानी ने पारी संभाली। दोनों बल्लेबाजों ने पांचवें विकेट के लिए 64 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की।टकर ने 36 गेंदों पर 50 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और 2 छक्के शामिल रहे।
डेलानी ने अंत में तेज रन बटोरे
कप्तान टकर के आउट होने के बाद गैरेथ डेलानी ने जॉर्ज डॉकरेल के साथ मिलकर तेज बल्लेबाजी की। दोनों ने केवल 16 गेंदों में 49 रन जोड़कर स्कोर को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।डेलानी ने 32 गेंदों पर 49 रन की उपयोगी पारी खेली, जिसमें 3 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। वहीं जॉर्ज डॉकरेल ने 19 रन का योगदान दिया।भारत की ओर से हर्षित राणा सबसे सफल गेंदबाज रहे और उन्होंने 3 विकेट लिए। अर्शदीप सिंह और अक्षर पटेल को दो-दो विकेट मिले।
वैभव सूर्यवंशी को नहीं मिला मौका
इस मुकाबले में क्रिकेट प्रशंसकों को युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू का इंतजार था, लेकिन उन्हें अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया गया। अब उनके पदार्पण के लिए दूसरे टी20 मुकाबले का इंतजार करना होगा।
श्रृंखला बचाने की चुनौती
दो मैचों की श्रृंखला में अब भारत 0-1 से पीछे हो गया है। दूसरा और अंतिम मुकाबला 28 जून को इसी मैदान पर खेला जाएगा।भारतीय टीम के सामने अब श्रृंखला बराबर करने की चुनौती होगी, जबकि आयरलैंड जीत की लय बरकरार रखते हुए ऐतिहासिक श्रृंखला जीत दर्ज करने के इरादे से मैदान पर उतरेगा।बेलफास्ट में मिली यह हार भारतीय टीम के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है। वहीं आयरलैंड के लिए यह जीत उनके क्रिकेट इतिहास की सबसे यादगार सफलताओं में से एक बन गई है।