कानपुर के इन 80 मोहल्लों को जलभराव से मिलेगी मुक्ति:320 करोड़ से बनेंगे 2 नाले, 5 लाख लोगों को मिलेगी राहत
कानपुर के करीब 80 मोहल्लों के लोगों को जल्द ही जलभराव की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। मकड़ीखेड़ा और सीओडी नाले के निर्माण के लिए शासन ने पहली किश्त के रूप में 112 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। दोनों नालों का निर्माण करीब 320 करोड़ रुपये की लागत से होना है। निर्माण के लिए कानपुर की विराट प्रोजेक्ट लिमिटेड कंपनी को टेंडर दिया गया है। कंपनी ने सर्वे का काम शुरू कर दिया है। दिसंबर तक निर्माण कार्य शुरू कराने की तैयारी है। दोनों नालों के बनने से करीब साढ़े पांच लाख की आबादी को फायदा मिलेगा। 5 साल से लोग परेशान इस साल बारिश के दौरान मकड़ीखेड़ा नाले से जुड़े कई इलाकों में भीषण जलभराव हुआ था। कई मोहल्लों में पानी भरने से लोग घरों में कैद होकर रह गए थे। गंगा किनारे बसे इलाकों में जलभराव के बीच मगरमच्छ और जहरीले जीव-जंतु निकलने से भी लोगों की परेशानी बढ़ गई थी। आबादी बढ़ने और ड्रेनेज व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने के कारण लोग करीब पांच साल से इस समस्या से जूझ रहे हैं। 40 साल पुराना सीओडी नाला भी होगा दुरुस्त वहीं, सीओडी नाले का निर्माण करीब 40 साल पहले हुआ था। समय के साथ आबादी और दूषित पानी की निकासी बढ़ने से नाला चोक हो गया है। कच्चा होने के कारण कई जगह नाला क्षतिग्रस्त होकर बैठ भी गया है। इससे पानी की निकासी प्रभावित होती है और बारिश में आसपास के इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ जाती है। 320 करोड़ में होगा दोनों नालों का निर्माण इसी तरह मकड़ीखेड़ा नाला भी कई जगह कच्चा है। कुछ स्थानों पर इसका निर्माण नहीं हुआ है, जबकि कई हिस्से क्षतिग्रस्त हैं। बारिश के दौरान इन इलाकों का संपर्क प्रभावित हो जाता है। दोनों नालों का निर्माण होने से पानी की निकासी बेहतर होने और जलभराव की समस्या कम होने की उम्मीद है। हालांकि इन दोनों नालों का निर्माण 320 करोड़ रुपये में होना है। पहली किश्त में 112 करोड़ जारी हुए है। जल निगम की निर्माण इकाई कंसल्टेंट्स एंड डवलपर्स सर्विसेज (सीएंडडीएस) को इनके निर्माण की जिम्मेदार दी गई है। इन मोहल्लों तक पहुंचता है दोनों नालों का पानी सीओडी नाले से बाबूपुरवा, बेगमपुरवा, किदवई नगर, राखीमंडी, मुंशीपुरवा, हलवाखाड़ा, नौबस्ता, पशुपति नगर, यशोदा नगर, हंसपुरम, आवास-विकास, बिनगवां, कांदीपुर, ट्रांसपोर्ट नगर, अजीतगंज, उस्मानपुर, बसंत विहार, कृष्णा नगर, गांधीग्राम, चंदारी और दहेली सुजानपुर समेत करीब 44 मोहल्ले जुड़े हैं। वहीं, मकड़ीखेड़ा नाला कल्याणपुर-बिठूर रोड और आजाद नगर पुलिया होते हुए गंगा बैराज के पास परमियापुरवा नाले में मिलता है। इससे मकड़ीखेड़ा, मुखर्जी बिहार, गीतानगर, शारदा नगर, विकास नगर, लखनपुर, ख्योरा, अकबरपुर कछार, गंगपुर, पत्रकारपुरम, सूर्य विहार, मैनावती और आजाद नगर समेत करीब 41 मोहल्लों का दूषित पानी निकलता है। आईआईटी से लिया जाएगा अप्रूवल जल निगम (सीएंडडीएस) के परियोजना प्रबंधक सर्वेश कुमार वर्मा ने बताया कि दोनों नाले करीब 10 मीटर चौड़े और साढ़े तीन मीटर गहरे बनाए जाएंगे। फिलहाल कंपनी सर्वे कर रही है। इसके बाद आईआईटी से डिजाइन का अप्रूवल लिया जाएगा। दीपावली के बाद दिसंबर तक निर्माण शुरू कराने की तैयारी है।
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