कारोबारी से 4.72 लाख की अवैध वसूली में दरोगा-सिपाही निलंबित:झूठी शिकायत से बैंक खाता फ्रिज कराकर मेरठ बुलाया, डीआईजी से शिकायत के बाद एक्शन

Oct 22, 2026 - 22:24
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कारोबारी से 4.72 लाख की अवैध वसूली में दरोगा-सिपाही निलंबित:झूठी शिकायत से बैंक खाता फ्रिज कराकर मेरठ बुलाया, डीआईजी से शिकायत के बाद एक्शन
मेरठ के लिसाड़ीगेट थाने में तैनात दरोगा अंकित सागर और हेड कांस्टेबल नीरज कुमार को गुरुवार शाम एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने निलंबित कर दिया। दोनों पर नोएडा के फर्नीचर कारोबारी शाहिद चौधरी को अवैध रूप से हिरासत में रखकर 4.72 लाख वसूलने का आरोप था। मामले में फर्नीचर कारोबारी ने डीआईजी रेंज कलानिधि नैथानी से शिकायत की थी। डीआईजी के द्वारा कराई गई जांच में आरोपी की पुष्टि हो गई जिसके बाद एसएसपी ने दोनों पर गाज गिरा दी। थाने के सामने जनसुनवाई केंद्र चलाने वाले शादाब राव उर्फ शालू और इसी थाने में पूर्व में तैनात रहे दरोगा आरिफ अली की भूमिका भी पूरे मामले में निकल कर सामने आई है। नोएडा सेक्टर 93 गेझा निवासी शाहिद चौधरी फर्नीचर कारोबारी हैं। 21 अक्टूबर को शाहिद डीआईजी रेंज कलानिधि नैथानी से मिले और एक शिकायत की। उन्होंने बताया कि 2 अगस्त को लिसाड़ी गेट थाने से उनके पास एक फोन आया। उन पर मेरठ आने का दबाव बनाया गया, जिसकी कुछ देर बाद ही उनका बैंक खाता फ्रिज हो गया। वह मेरठ पहुंचे टोली साड़ी गेट थाने में तैनात दरोगा अंकित सागर और सिपाही नीरज कुमार ने उनके साथ अभद्रता की और उन्हें लॉकअप में बंद कर दिया। हिरासत से छोड़ने व खाता खोलने के लिए मांगी रकम शाहिद ने बताया कि लॉकअप में डालने के बाद उन्हें प्रताड़ित किया गया। उनका महंगा फोन, महंगी घड़ी और बेल्ट जप्त कर ली गई। उनके भाई सन्नवर और जाबिर थाने पहुंचे तो उनसे मोटी रकम की मांग की गई। उन्होंने दो दिन में रकम की व्यवस्था करके देने का भरोसा दिलाया। आरोप है कि 4 अगस्त को 4 लाख रूपए की व्यवस्था कर दिए गए, जिसके बाद दरोगा अंकित सागर और सिपाही नीरज ने उनका आईफोन 17 तो लौटा दिया लेकिन घड़ी व बेल्ट नहीं दी। दो बार में दिए गए चार लाख रूपए शाहिद ने डीआईजी को बताया कि 4 अगस्त को दरोगा अंकित सागर और सिपाही नीरज ने पहले 1.20 लाख रुपए लिसाड़ी गेट थाने के सामने जन सुविधा केंद्र चलाने वाले शादाब राव उर्फ शालू के बैंक खाते में ट्रांसफर कराए। इसके बाद उसी दिन 2.80 लाख रुपए कैश इन्होंने शादाब राव उर्फ शालू को दिलवाये। इसके बाद वह रुपए देकर वहां से लौट गए। अगले दिन दरोगा व सिपाही ने मांगा सोफा शाहिद ने बताया कि 5 अगस्त को शादाब राव के फोन से उनके पास फिर फोन आया। फोन पर दरोगा अंकित सागर और सिपाही नीरज ने बात की। वह बोले कि जो रुपए दिए हैं, उनसे बात नहीं बनेगी। एक बढ़िया से सोफे की व्यवस्था करनी होगी जो उन्हें अफसर को देना है। वह जल्द ही किसी दुकान पर जाकर सोफे का फोटो भेज देंगे। दोनों ने कुछ देर बाद ही एक सोफे का फोटो और दो क्यूआर कोड भेजकर उन पर 36-36 हजार रूपए मंगवा लिए। एक बारकोड मोहम्मद इमरान और दूसरा सुशीला के नाम का था। शादाब राव ने 7 अगस्त को भेजा स्क्रीनशॉट शाहिद ने बताया कि दरोगा अंकित सागर लिसाड़ी गेट की साइबर सेल संभालता है। उसने और सिपाही नीरज ने उनका बैंक खाता फ्रीज कर दिया था। रुपए देने का दबाव बनाने के लिए यह काम किया गया था। 7 अगस्त को जन सुविधा केंद्र चलाने वाले शादाब राव की तरफ से एक ईमेल उन्हें भेजा गया जिसमें फ्रिज खाता खोलने के लिए बैंक को किए गए ईमेल की जानकारी दी गई थी। शादाब राव की भूमिका को लेकर उठे सवाल इस पूरे प्रकरण में जन सुविधा केंद्र चलाने वाले शादाब राव उर्फ शालू की भूमिका पर भी सवाल खड़े हुए हैं। शाहिद ने डीआईजी को बताया कि यह सभी मिलकर गिरोह के रूप में काम करते हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण जन सुविधा केंद्र से भेजा गया ईमेल है जो केवल थाने से ही खोला जा सकता है। शादाब राव झूठी शिकायत करता है और यह दरोगा व सिपाही मिलकर अवैध वसूली करते हैं। पूर्व में पत्नी के नाम से की थी शिकायत पीड़ित कारोबारी ने बताया कि पूर्व में उसकी पत्नी को लेकर भी एक शिकायत की गई थी। उनका भी बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया था और एक लाख रूपए की मांग की गई थी। उनकी पत्नी ने पुलिस अफसर से शिकायत की लेकिन कोई एक्शन नहीं हुआ। इस बीच मुजफ्फरनगर के खतौली थाने में तैनात दरोगा आरिफ अली ने हस्तक्षेप किया और मामले को दबाने के लिए डराया धमकाया। डीआईजी को उपलब्ध कराये सभी साक्ष्य पीड़ित कारोबारी शाहिद चौधरी ने अपने साथ हुए इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े सभी साक्ष्य भी डीआईजी को उपलब्ध कराए। शाहिद ने दावा किया कि अगर निष्पक्ष जांच कराई जाए तो सब कुछ साफ हो जाएगा। उन साक्ष्य में कॉल डिटेल से लेकर रुपए की ट्रांजैक्शन का एक-एक हिसाब दिया गया था। कुछ बैंक डिटेल्स भी उपलब्ध कराई गई थी। मेरठ में तैनात रहा है दरोगा आरिफ अली इस पूरे प्रकरण में शहीद चौधरी ने जिस दरोगा आरिफ अली की शिकायत की वह पूर्व में मेरठ में भी तैनात रहा है। उसकी थाने के सामने जन सुविधा केंद्र चलाने वाले शादाब राव उर्फ शालू से भी सेटिंग थी। तब शादाब, दरोगा आरिफ को केस दिलाता था ताकि अवैध वसूली की जा सके। शाहिद चौधरी की पत्नी की जानकारी भी शादाब ने ही उपलब्ध कराई थी। दरोगा-सिपाही पर गिरी गाज, जांच बैठी इस पूरे मामले का खुलासा होने के बाद गुरुवार शाम मेरठ एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने लिसाड़ी के थाने के दरोगा अंकित सागर और हेड कांस्टेबल नीरज कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इस पूरे मामले की जांच एसएसपी ने एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले को दी है। विनायक गोपाल भोसले का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। सभी साक्ष्य जुटाए गए हैं।

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