कुशीनगर में एपी बांध का स्लोप कटा, बचाव शुरू:ग्रामीणों को सता रहा बांध टूटने का डर, जवही दयाल में किमी 4.400 से 4.500 के बीच कटान
कुशीनगर के तमकुहीराज क्षेत्र के जवही दयाल में एपी बांध का स्लोप कटने लगा। किमी 4.400 से 4.500 के बीच कटान की सूचना पर बाढ़ खंड विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बोल्डर डालकर बचाव कार्य शुरू किया। ग्रामीणों को बांध टूटने और बाढ़ का डर सता रहा है। नारायणी (गंडक) नदी का डिस्चार्ज 20 हजार क्यूसेक से नीचे आने के बावजूद एपी बांध पर कटान का खतरा बना हुआ है। अहिरौलीदान में 20 दिन से ज्यादा समय तक कटान के बाद गुरुवार को जवही दयाल में कटान शुरू हुआ। स्लोप कटता देखकर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुटे दिख रहे हैं और इस बीच बाढ़ खण्ड के अधिकारी व कर्मचारी विभागीय ठेकेदारों के साथ मौके पर बचाव कार्य को देख रहे हैं ।
बता दें कि 28 सितंबर को तेतवा टोली के पास बांध टूट गया था। इसके बाद से लोग पहले ही डरे हुए हैं। अहिरौलीदान में लगातार कटान से 20 से 25 घरों पर खतरा था। बचाव कार्य के बाद कटान थमा तो ग्रामीणों को राहत मिली, लेकिन अब जवही दयाल में फिर कटान शुरू हो गया है। ग्रामीणों ने बांध को स्थायी रूप से मजबूत करने की मांग की। उनका कहना है कि बांध पर कटान और रिसाव की समस्या पहले भी सामने आ चुकी है। इस बार बाढ़ और कटान से प्रभावित इलाके के लोगों को बांध टूटने का डर है।
कटान की सूचना पर बाढ़ खंड के एक्सईएन विनोद कुमार वर्मा, एसडीओ दीप रतन सिंह, जेई रमेशधर दुबे, सुनील कुमार यादव और रामचंद्र प्रसाद मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने बोल्डर और जियो बैग डालकर कटान रोकने का काम शुरू कराया। जवहीं दयाल के ग्राम प्रधान दिनेश जायसवाल के साथ अर्जुन मंडल, रमेश यादव, प्रभु पटेल और रामचंद्र ने भी बांध की सुरक्षा मजबूत करने की मांग की। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और विभाग की टीम मौके पर निगरानी कर रही है।
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