लखनऊ में घराना संगीत समारोह:पखावज, शास्त्रीय गायन और कथक की प्रस्तुतियों को दर्शकों ने सराहा
लखनऊ के गोमतीनगर स्थित उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी परिसर में मंगलवार को घराना संगीत समारोह का आयोजन किया गया। संत गाडगे जी महाराज प्रेक्षागृह में सजी इस शाम में पखावज, शास्त्रीय गायन और कथक की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को बांधे रखा। पहली प्रस्तुति कुदऊ सिंह घराने को समर्पित रही। अयोध्या से आए कौशिकी झा और देव प्रकाश ने युगल पखावज वादन किया। गणेश वंदना के बाद पंचदेव स्तुति पेश की गई।कलाकारों ने चौताल, श्रृंगार परन और रेला से माहौल में ताल की गूंज भर दी। शरद पूर्णिमा से जुड़ी राधा माधव विनोद परन को भी खूब सराहना मिली। त्रय गुरु वंदन के साथ प्रस्तुति पूरी हुई। सारंगी पर राकेश मिश्र ने संगत की। जोगकौंस में सजा सुरों का रंग इसके बाद नागपुर की गायिका डॉ. साधना शिलेदार ने हिन्दुस्तानी शास्त्रीय गायन पेश किया। उन्होंने राग जोगकौंस की पारंपरिक बंदिश ‘सुघर बर पायो’ से शुरुआत की। उनकी प्रस्तुति को श्रोताओं ने खूब सराहा। साधना शिलेदार तीन दशक से अधिक समय से संगीत शिक्षण से जुड़ी हैं। उन्होंने आगरा और ग्वालियर घराने के दिग्गज कलाकारों से प्रशिक्षण लिया है। उन्हें सुरमणि और पंडित विष्णु दिगंबर पलुस्कर संगीतरत्न पुरस्कार सहित कई सम्मान मिल चुके हैं। गिरिजा देवी को समर्पित कथक नोएडा के कथक कलाकार विश्वदीप ने समारोह का समापन प्रभावी नृत्य प्रस्तुति से किया। उनकी प्रस्तुति पद्म विभूषण गिरिजा देवी को समर्पित रही। उन्होंने सूरदास की रचना ‘एक दिन मुरली श्याम बजाई’ से कथक की शुरुआत की। तबले पर प्रदीप कुमार पाठक, गायन और हारमोनियम पर जकी अहमद तथा सारंगी पर एजाज हुसैन ने संगत की। पढ़ंत की जिम्मेदारी सुराज कुमार ने संभाली। कलाकारों को किया सम्मानित समारोह में वरिष्ठ रंगकर्मी पद्मश्री अनिल रस्तोगी मुख्य अतिथि रहे। अकादमी अध्यक्ष प्रो. जयंत खोत, उपाध्यक्ष विभा सिंह और गायिका डॉ. साधना शिलेदार ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। मुख्य अतिथि ने कलाकारों को सम्मानित किया गया।
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