शादी के मंडप से मौत के फंदे तक... 6 महीने में क्या हुआ श्वेता के साथ..
लखनऊ के ठाकुरगंज में शादी के छह महीने बाद नवविवाहिता श्वेता सिंह संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई। परिवार ने दहेज के लिए प्रताड़ना, कार की मांग और हत्या के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी
दि राइजिंग न्यूज़ | लखनऊ | 27 मई 2026
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सामने आया श्वेता सिंह मौत मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। शादी के महज छह महीने बाद एक नवविवाहिता का अपने ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाया जाना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। परिजनों का आरोप है कि श्वेता की मौत आत्महत्या नहीं, बल्कि लगातार दहेज प्रताड़ना और मानसिक उत्पीड़न का परिणाम है।
शादी के दिन ही मिल गए थे अनहोनी के संकेत
श्वेता सिंह के परिजनों का दावा है कि शादी के दौरान ही दूल्हे और उसके परिवार का व्यवहार असामान्य और अपमानजनक था। परिवार के मुताबिक, विवाह समारोह में दूल्हे ने अपने ससुर से सार्वजनिक रूप से पैर छूने और पकड़ने की मांग की थी। इस घटना से परिवार बेहद आहत हुआ था, लेकिन सामाजिक प्रतिष्ठा और बेटी के भविष्य को देखते हुए उन्होंने उस समय कोई विवाद नहीं किया।
परिजनों का कहना है कि उस दिन उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि आने वाले महीनों में उनकी बेटी को और भी गंभीर परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा।
विवाह के बाद शुरू हुई दहेज की मांग
आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष ने अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू कर दी। परिवार का कहना है कि कार और अन्य महंगे सामान की मांग की जा रही थी। जब ये मांगें पूरी नहीं हुईं तो श्वेता को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जाने लगा।
परिजनों के अनुसार, श्वेता कई बार फोन पर रोते हुए अपनी परेशानी बताती थी। उसने कथित तौर पर अपने परिवार को बताया था कि उसे बार-बार ताने दिए जाते हैं और दहेज को लेकर दबाव बनाया जाता है।
अचानक आई मौत की खबर
घटना वाले दिन श्वेता के परिवार को सूचना मिली कि उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। यह खबर सुनते ही परिवार के लोग ससुराल पहुंचे। परिजनों का कहना है कि घटनास्थल की परिस्थितियां देखकर उन्हें संदेह हुआ कि मामला सामान्य आत्महत्या का नहीं है।
परिवार का आरोप है कि श्वेता की हत्या करने के बाद उसे फंदे से लटकाकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। हालांकि इस दावे की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस ने शुरू की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मृतका के परिजनों की शिकायत पर पति और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों के खिलाफ दहेज मृत्यु, दहेज प्रताड़ना और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
दहेज प्रथा पर फिर उठे सवाल
श्वेता सिंह की मौत ने एक बार फिर दहेज प्रथा के खिलाफ बहस को तेज कर दिया है। हर साल देश में हजारों महिलाएं दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा का शिकार होती हैं। कानून सख्त होने के बावजूद ऐसे मामलों का सामने आना चिंता का विषय माना जा रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज की सोच में बदलाव लाना भी जरूरी है। जब तक दहेज को सामाजिक प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा जाएगा, तब तक ऐसी घटनाओं को पूरी तरह रोकना मुश्किल होगा।