मणिपुर में घात लगाकर फायरिंग, ग्रामीणों पर गोलियां

मणिपुर के कांगपोकपी जिले में पानी की पाइपलाइन की मरम्मत कर रहे नागा ग्रामीणों पर अज्ञात हथियारबंद लोगों ने फायरिंग कर दी। हमले में एक युवक गंभीर रूप से घायल हुआ है। घटना के बाद नागा संगठनों में आक्रोश है और इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रशासन मामले की जांच कर रहा है तथा दोषियों की तलाश जारी है।

मणिपुर में घात लगाकर फायरिंग, ग्रामीणों पर गोलियां

दि राइजिंग न्यूज़। इंफाल। 02 जून 2026

मणिपुर के कांगपोकपी जिले में नागा ग्रामीणों पर हुए हमले ने एक बार फिर राज्य में सुरक्षा और सामुदायिक तनाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पानी की पाइपलाइन की मरम्मत करने गए ग्रामीणों पर अज्ञात हथियारबंद लोगों ने घात लगाकर फायरिंग कर दी, जिसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।

पाइपलाइन ठीक करने गए ग्रामीणों पर हमला

पुलिस के अनुसार घटना तागियुकी नदी के पास हुई, जो नागा बहुल कोनसाखुल गांव से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित है। गांव के तीन लोग पेयजल आपूर्ति की पाइपलाइन की मरम्मत करने पहुंचे थे। इसी दौरान लड़ाकू वर्दी पहने हथियारबंद लोगों ने उन पर अचानक अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।   हमले में 23 वर्षीय कछियाकलुंगबौ चवांग गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके दाहिने हाथ की कोहनी में गोली लगी है। वहीं उसके साथ मौजूद दो अन्य ग्रामीणों को मामूली चोटें आई हैं।

घायल युवक को भेजा गया बड़े अस्पताल

घटना की सूचना मिलते ही सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे और घायल युवक को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। बाद में बेहतर इलाज के लिए उसे इंफाल स्थित क्षेत्रीय चिकित्सा संस्थान भेज दिया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है और हमलावरों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

उग्रवादी संगठन पर लगे आरोप

कोनसाखुल गांव के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि हमले के पीछे एक कुकी उग्रवादी संगठन के कैडर हो सकते हैं। ग्रामीणों का दावा है कि हमलावरों ने पहले पानी की पाइपलाइन को नुकसान पहुंचाया और बाद में मरम्मत के लिए आने वाले लोगों को निशाना बनाया। हालांकि आरोपित संगठन की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। सुरक्षा एजेंसियां सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं।

नागा संगठनों में आक्रोश

घटना के बाद कई नागा संगठनों ने हमले की कड़ी निंदा की है। संगठनों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में भी ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय संगठनों ने सरकार से दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, नागरिकों की सुरक्षा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

शांति और सुरक्षा की उठी मांग

घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए कई राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि इस तरह की हिंसक घटनाएं न केवल निर्दोष लोगों की जान को खतरे में डालती हैं, बल्कि विभिन्न समुदायों के बीच पहले से मौजूद अविश्वास को भी और गहरा कर देती हैं। नागा समुदाय से जुड़े संगठनों ने आरोप लगाया है कि आम नागरिकों को निशाना बनाना बेहद गंभीर मामला है और इसके दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

सुरक्षा व्यवस्था हुई सख्त

फायरिंग की घटना के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। कांगपोकपी जिले और आसपास के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है। सुरक्षा कर्मियों द्वारा प्रमुख सड़कों, गांवों और संवेदनशील स्थानों पर गश्त बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। पुलिस और सुरक्षा बलों ने हमले में शामिल संदिग्धों की तलाश के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। आसपास के जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषियों की पहचान कर उन्हें जल्द कानून के दायरे में लाने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रशासन ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने, अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को देने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। इससे प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के बीच सुरक्षा का भरोसा कायम करने की कोशिश की जा रही है।