कोलकाता में बड़ा हादसा: निर्माणाधीन गोदाम की छत गिरी, दर्जनों मजदूर मलबे में दबे
कोलकाता के तारातला क्षेत्र में निर्माणाधीन गोदाम की छत गिरने से कई मजदूर मलबे में दब गए। पुलिस, अग्निशमन विभाग, आपदा प्रबंधन और सेना की मदद से बचाव अभियान चलाया जा रहा है। कई घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।
दि राइजिंग न्यूज़ | कोलकाता | 24 जून 2026
तारातला में निर्माणाधीन गोदाम की छत ढही, मची अफरा-तफरी
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला क्षेत्र में बुधवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। यहां एक निर्माणाधीन गोदाम की छत अचानक ढह जाने से दर्जनों मजदूर मलबे के नीचे दब गए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे के समय बड़ी संख्या में श्रमिक निर्माण कार्य में लगे हुए थे।
काम के दौरान अचानक गिरी छत, कई लोग फंसे
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर के समय मजदूर रोजाना की तरह काम कर रहे थे, तभी गोदाम की छत का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। भारी लोहे के ढांचे और मलबे के नीचे कई लोग फंस गए। हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने बचाव कार्य शुरू किया और प्रशासन को सूचना दी। कुछ ही मिनटों में पुलिस, अग्निशमन विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंच गईं।
पुलिस ने संभाला मोर्चा, क्रेन और मशीनों से हटाया जा रहा मलबा
कोलकाता पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि तारातला स्थित ट्रांसपोर्ट डिपो रोड के निकट यह दुर्घटना हुई। सूचना मिलते ही पुलिस बल को घटनास्थल पर भेजा गया और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। अधिकारियों के अनुसार मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए भारी मशीनों और क्रेनों की मदद ली जा रही है। बचाव अभियान लगातार जारी है और हर संभावित स्थान की तलाशी ली जा रही है।
घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, चिकित्सकों की विशेष टीम तैनात
अधिकारियों के मुताबिक अब तक कई घायलों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है। घायलों का इलाज कोलकाता के सरकारी अस्पतालों में चल रहा है। चिकित्सकों की एक विशेष टीम को भी तैनात किया गया है ताकि गंभीर रूप से घायल लोगों को तत्काल उपचार मिल सके। प्रशासन ने सभी अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
सेना समेत कई एजेंसियां बचाव अभियान में जुटीं
बचाव कार्य में पुलिस, आपदा प्रबंधन समूह, नागरिक सुरक्षा बल और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीमें जुटी हुई हैं। इसके अलावा सेना के अधिकारी भी राहत अभियान में सहयोग करते दिखाई दिए। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में बचावकर्मी मौजूद हैं और मलबे को हटाने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि जब तक सभी लोगों का पता नहीं चल जाता, अभियान जारी रहेगा।
मौतों के दावों पर संशय, प्रशासन ने नहीं की पुष्टि
इस बीच हादसे को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। विपक्षी दलों के नेताओं ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाए हैं। कुछ नेताओं ने दावा किया है कि इस दुर्घटना में कई लोगों की मौत हुई है, हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक मृतकों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
मंत्री ने किया घटनास्थल का दौरा, जांच के दिए निर्देश
पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री इंद्रनील खान ने घटनास्थल का दौरा कर बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को हर संभव संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना है। घटना के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल, जिम्मेदारों पर कार्रवाई के संकेत
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माणाधीन ढांचे की मजबूती और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले भी सवाल उठाए गए थे। अब इस दुर्घटना के बाद निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर बहस तेज हो गई है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि हादसे की विस्तृत जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।