मजदूरी के लिए घर से निकले बच्चे, परिजनों का इंतजार:अलीगढ़ में नेताजी एक्सप्रेस में रेस्क्यू किए गए 10 बच्चे चाइल्ड लाइन के संरक्षण में
गरीबी के चलते परिवारों ने ही बच्चों को मजदूरी के लिए घर से बाहर भेज दिया। नेताजी एक्सप्रेस में रेस्क्यू किए गए बच्चों के मामले में परिजनों के बयान से यह तथ्य सामने आया है। सोमवार को बाल कल्याण समिति ने 10 बच्चों को चाइल्ड लाइन के संरक्षण में भेज दिया। अब बच्चों को उनके परिजनों के अलीगढ़ पहुंचने का इंतजार है। परिजनों ने बताई आर्थिक तंगी की वजह्र बाल कल्याण समिति के समक्ष परिजनों की ओर से बताया गया कि घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। इसी वजह से बच्चों को मजदूरी करने के लिए भेजा गया था। समिति ने परिजनों को अलीगढ़ बुलाया है। उनके आने पर बच्चों की पहचान और जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही सुपुर्दगी की जाएगी। अलग-अलग बोगियों में ले जाए जा रहे थे बच्चे रविवार को कोडरमा से कालका जा रही नेताजी एक्सप्रेस में बच्चों को ले जाने की सूचना मिली थी। इस पर अलीगढ़ जंक्शन पर आरपीएफ और जीआरपी ने करनाल की एक एनजीओ के सहयोग से संयुक्त अभियान चलाया। टीम ने ट्रेन की अलग-अलग बोगियों से 12 बच्चों को रेस्क्यू किया था। किसके पास और कहां ले जाए जा रहे थे, जांच जारी रेस्क्यू किए गए बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया था। समिति ने 10 बच्चों को चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया। जीआरपी प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र द्विवेदी ने बताया कि परिजनों के बयान में आर्थिक तंगी के चलते बच्चों को मजदूरी के लिए भेजने की बात सामने आई है। बच्चों को कहां और किसके पास ले जाया जा रहा था, इसकी जांच की जा रही है।
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