नितेश हत्याकांड में पांच हिरासत में:ढाबे पर पहुंचकर कागज पर लिखी आपबीती, पोस्टमार्टम में शरीर पर मिलीं छह चोटें
सीतापुर के पिसावां थाना इलाके में नितेश मौर्य हत्याकांड में पुलिस की जांच तेज हो गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नितेश के शरीर पर मौत से पहले की छह चोटें मिली हैं। डॉक्टरों ने मौत का कारण शॉक और खून अधिक बहना बताया है। वहीं, बाराबंकी पुलिस ने सीतापुर पुलिस से समन्वय कर अब तक पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर रही है। शुरुआती जांच में आर्थिक लेन-देन के विवाद में अन्य लोगों के जरिए हत्या की साजिश रचे जाने के संकेत मिले हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल साक्ष्यों और संदिग्ध वाहनों की आवाजाही के आधार पर आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। मालूम हो कि सरैया महिपत सिंह निवासी नितेश कुमार मौर्य (24) उम्र बीती 28 अक्टूबर को करवा लेकर अपनी बहन के घर कोटवाधाम गया था। वहां रात रुकने के बाद 29 अक्टूबर की सुबह करीब आठ बजे बाइक से गांव लौट रहा था। रास्ते में गुडंबा थाना क्षेत्र के आधारखेड़ा स्थित अपने प्लॉट से सिलेंडर लेकर निकला था। अपहरण करने का आरोप है परिजनों के मुताबिक, बड्डूपुर क्षेत्र के ढफरपुर के पास उसकी बाइक मिली और चार पहिया वाहन सवार लोगों पर अपहरण करने का आरोप है। आरोप है कि लखीमपुर खीरी के मैगलगंज क्षेत्र में लिधियाई मोड़ के पास धारदार हथियार से उसका गला रेतकर फेंक दिया गया। गंभीर हालत में नितेश किसी तरह पिसावां क्षेत्र के पन्नू ढाबे तक पहुंचा। बोलने में असमर्थ नितेश ने कागज पर लिखा, 'मुझे अस्पताल ले चलो, मनोज ने मरवाया है।' उसने मनोज के पिता का नाम और गांव-पते की जानकारी भी लिखी। पुलिस उसे अस्पताल ले गई, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। कारोबारी रंजिश की जांच मृतक नितेश धान-गेहूं की खरीद-फरोख्त के साथ साझेदारी में आरओ प्लांट कारोबार का काम करता था। परिजनों ने कारोबारी रंजिश का आरोप लगाया है। पिता की तहरीर पर मनोज मौर्य, विपिन, अंकित गुप्ता और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। बाराबंकी पुलिस घटना में प्रयुक्त वाहन और हथियार बरामद करने के साथ अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)