नितेश हत्याकांड में शव सड़क पर रखकर जाम लगाया:सीतापुर में सीओ के आश्वासन पर एक घंटे बाद हटे
सीतापुर के पिसावा इलाके में बीती 29 अक्टूबर को हुए नितेश मौर्य हत्याकांड में शनिवार सुबह शव घर पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों ने बिसवां-महमूदाबाद मार्ग पर जाम लगा दिया। सुबह करीब 11 बजे सैकड़ों की संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया। परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ उन पर गैंगस्टर एक्ट लगाने और संपत्तियों की कुर्की करने की मांग की। हंगामे की सूचना पर कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। परिवार अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटा करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद सीओ कपूर कुमार ने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। इसके बाद जाम समाप्त हुआ और परिजन शव लेकर घर लौट गए। अब परिवार अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटा है। ढाबे पर पहुंचकर कागज पर लिखी थी आपबीती मालूम हो कि सरैया महिपत सिंह निवासी नितेश कुमार मौर्य (24) की 29 अक्टूबर को हत्या कर दी गई थी। परिजनों के मुताबिक, वह 28 अक्टूबर को अपनी बहन के घर कोटवाधाम गया था। अगले दिन सुबह बाइक से गांव लौटते समय बड्डूपुर थाना क्षेत्र के ढफरपुर के पास उसकी बाइक मिली थी। धारदार हथियार से गला रेतकर फेंक आरोप है कि चार पहिया वाहन सवार लोगों ने उसका अपहरण कर लिया और लखीमपुर खीरी के मैगलगंज क्षेत्र में लिधियाई मोड़ के पास धारदार हथियार से गला रेतकर फेंक दिया। गंभीर रूप से घायल नितेश किसी तरह पिसावां थाना क्षेत्र के पन्नू ढाबे तक पहुंचा। बोलने में असमर्थ होने पर उसने कागज पर लिखा था, 'मुझे अस्पताल ले चलो, मनोज ने मरवाया है।' पुलिस उसे अस्पताल लेकर पहुंची, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। आर्थिक विवाद में हत्या की आशंका नितेश धान-गेहूं की खरीद-फरोख्त के अलावा पानी की फैक्टरी और आरओ कारोबार से जुड़ा था। परिजनों ने कारोबारी रंजिश में हत्या का आरोप लगाया है। पिता की तहरीर पर मनोज मौर्य, विपिन, अंकित गुप्ता और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। बाराबंकी पुलिस के अनुसार, मामले में पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में आर्थिक लेन-देन के विवाद में साजिश के संकेत मिले हैं।
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