नजीराबाद में बिल्डर अनूप अस्थाना समेत 10 पर FIR:करोड़पति कारोबारी को ड्रग्स देकर हड़पी थी 140 करोड़ संपत्ति

Oct 31, 2026 - 15:50
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नजीराबाद में बिल्डर अनूप अस्थाना समेत 10 पर FIR:करोड़पति कारोबारी को ड्रग्स देकर हड़पी थी 140 करोड़ संपत्ति
नजीराबाद में बिल्डर अनूप अस्थाना और उसके बेटे सुयश अस्थाना समेत 10 लोगों के खिलाफ कारोबारी प्रणवपत सिंघानिया ने एफआईआर दर्ज कराई है। आरोप है कि संपत्ति हड़पने के लिए आरोपियों ने उन्हें ड्रग्स दिए, बंधक बनाकर रखा और 140 करोड़ की संपत्ति 6.03 करोड़ में पूर्णिमा दीक्षित के नाम बैनामा करा दी गई। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। कोर्ट के आदेश पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा हुआ है। जुलाई 2024 में होटल रीजेंटा में बंधक बनाकर रखा कालपी रोड राधाकुंज निवासी प्रणवपत सिंघानिया का आरोप है कि वर्ष 2024 की शुरुआत से अनूप अस्थाना और उनके बेटे सुयश ने अन्य लोगों के साथ मिलकर उनकी स्थिति का फायदा उठाना शुरू कर दिया। आरोप है कि सुयश उन्हें ड्रग्स देता था। इनकी व्यवस्था सोनू पंडित के माध्यम से की जाती थी। जुलाई 2024 से उन्हें होटल रीजेंटा में रखा गया, जहां उनके आने-जाने और परिवार व परिचितों से मिलने-जुलने पर नियंत्रण रखा जाता था। फरवरी 2026 में हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में करीब एक महीने भर्ती रहना पड़ा। आरोप है कि इसी दौरान उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंकिंग दस्तावेज, चेकबुक और मोबाइल फोन समेत जरूरी निजी अभिलेख अपने कब्जे में ले लिए गए। अरुण कुमार वर्मा ने उनसे कोरे चेक, स्टांप और अन्य दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए। जून 2024 को कोपरगंज की संपत्ति का कराया एग्रीमेंट प्रणव का आरोप है कि पांच जून 2024 को कोपरगंज स्थित उनके गोदामों का विक्रय अनुबंध भी कराया गया, लेकिन इसके बदले उन्हें कोई वास्तविक आर्थिक लाभ नहीं मिला। इसके बाद 26 मई 2025 को उनके पैतृक आवास का बैनामा पूर्णिमा दीक्षित के नाम करा दिया गया। आरोप है कि रजिस्ट्री से कुछ घंटे पहले उन्हें तीन बार नशीला पदार्थ दिया गया था। इस पूरे सौदे में कमल प्रकाश दीक्षित की सक्रिय भूमिका और श्रीराम के माध्यम से रकम की व्यवस्था किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़ित के मुताबिक, बैंक स्टेटमेंट में एक मार्च से 30 नवंबर 2025 के बीच उनके आईडीएफसी फर्स्ट बैंक खाते में करीब 2.29 करोड़ रुपये जमा होने और 2.50 करोड़ रुपये से अधिक की निकासी का ब्योरा है। आरोप है कि 12 मार्च को अनूप अस्थाना के पक्ष में 98 लाख रुपये, 21 मार्च को सुयश अस्थाना के पक्ष में 1.21 करोड़ रुपये और 25 नवंबर को सुयश के खाते में 8.50 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से भेजे गए। आरोपियों ने कानूनी कार्रवाई न करने की धमकी दी थी प्रणव के अनुसार, 25 जुलाई 2026 को परिवार की मदद से वह आरोपियों के प्रभाव से बाहर आ सके। इसके बाद 24 अगस्त को कौशलपुरी स्थित शिवानी कानपुर केक एंड फ्लावर्स से फूल खरीदकर लौटते समय दो अज्ञात लोगों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि दोनों ने सुयश और अनूप के पास वापस लौटने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं करने की धमकी दी। ऐसा नहीं करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। इस मामले में प्रणव ने 26 अगस्त को नजीराबाद पुलिस और पुलिस आयुक्त को शिकायत भेजी थी। कार्रवाई न होने पर उन्होंने कोर्ट की शरण ली, कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आपराधिक धमकी, बंधक बनाने समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इनके खिलाफ दर्ज कराई FIR इससे पहले भी प्रणव ने स्वरूप नगर थाने में बिल्डर जिसमें बिल्डर अनूप अस्थाना, उनके बेटे सुयश अस्थाना,पूर्णिमा दीक्षित,अरुण कुमार वर्मा,कमल प्रकाश दीक्षित,श्रीराम उर्फ रमित मिश्रा, बेबी बिल्डर, बृजेंद्रनाथ मिश्रा व साेनू पंडित समेत 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

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