ऑपरेशन टाइगर की पहली तस्वीर आई सामने, मची सियासी हलचल!
महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चित ‘ऑपरेशन टाइगर’ की पहली तस्वीर सामने आने से सियासी हलचल तेज हो गई है। तस्वीर में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, श्रीकांत शिंदे, प्रताप सरनाइक और उद्धव ठाकरे गुट के बागी सांसद एक साथ दिखाई दे रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि यह बैठक 17 जून को हुई थी, जिसके पांच दिन बाद छह सांसद शिवसेना में शामिल हो गए। वहीं, शिवसेना नेताओं का कहना है कि ‘ऑपरेशन टाइगर’ अभी जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 11 जुलाई 2026
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के चर्चित ‘ऑपरेशन टाइगर’ की पहली तस्वीर सार्वजनिक होने के बाद राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है। इस तस्वीर में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, एकनाथ शिंदे के पुत्र एवं सांसद श्रीकांत शिंदे, मंत्री प्रताप सरनाइक तथा उद्धव ठाकरे गुट के बागी सांसद एक साथ दिखाई दे रहे हैं। तस्वीर सामने आने के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि शिवसेना यूबीटी के कई सांसदों के दल बदलने की रणनीति पहले से तैयार की जा रही थी। हालांकि इस तस्वीर को लेकर विभिन्न राजनीतिक दल अपनी-अपनी तरह से प्रतिक्रिया दे रहे हैं और घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
सत्रह जून की बैठक ने बढ़ाई राजनीतिक सरगर्मी
स्थानीय समाचार माध्यमों के अनुसार यह तस्वीर सत्रह जून की रात की बताई जा रही है। दावा किया जा रहा है कि उद्धव ठाकरे गुट के कई सांसद बिना किसी सार्वजनिक जानकारी के पहले दिल्ली के एक होटल में पहुंचे और वहां से सीधे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के सरकारी आवास पर गए। बताया जा रहा है कि रात लगभग साढ़े नौ बजे सभी सांसद वहां पहुंचे, जहां आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं। सूत्रों के हवाले से यह भी कहा गया कि सांसद ओमराजे निंबालकर सुबह ही हस्ताक्षर कर महाराष्ट्र लौट गए थे। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पांच दिन बाद हुआ बड़ा राजनीतिक उलटफेर
सत्रह जून की इस कथित बैठक के ठीक पांच दिन बाद, बाईस जून को महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की उपस्थिति में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना यूबीटी के छह सांसद शिवसेना में शामिल हो गए। इस घटनाक्रम को ‘ऑपरेशन टाइगर’ का सबसे अहम चरण माना जा रहा है। इन सांसदों के शामिल होने के बाद शिंदे गुट की राजनीतिक ताकत और बढ़ी, जबकि शिवसेना यूबीटी को संगठनात्मक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर बड़ा झटका लगा। इसके बाद राज्य में नए राजनीतिक समीकरण बनने की चर्चा तेज हो गई।
किन नेताओं ने छोड़ा उद्धव ठाकरे का साथ
दल बदलने वाले सांसदों में संजय दीना पाटील, संजय देशमुख, संजय जाधव, भाऊसाहेब वकचौरे, नागेश पाटील-अष्टिकर और ओमराजे निंबालकर शामिल हैं। वायरल तस्वीर में ओमराजे निंबालकर को छोड़कर बाकी पांच सांसद दिखाई दे रहे हैं। यही तस्वीर अब पूरे राजनीतिक घटनाक्रम का केंद्र बन गई है। विपक्ष का कहना है कि इससे पहले से चल रही राजनीतिक गतिविधियों की पुष्टि होती है, जबकि शिंदे समर्थक इसे सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया बता रहे हैं।
तस्वीर ने क्यों बढ़ा दी सियासी हलचल
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तस्वीर के सामने आने के बाद यह स्पष्ट संकेत मिला है कि दल बदल की पूरी प्रक्रिया अचानक नहीं हुई थी, बल्कि इसके पीछे कई दिनों तक चली रणनीतिक बैठकों और राजनीतिक संपर्कों की भूमिका रही होगी। यही कारण है कि तस्वीर सार्वजनिक होने के बाद विपक्ष लगातार सरकार और शिंदे गुट पर सवाल उठा रहा है। वहीं शिंदे समर्थकों का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी जनप्रतिनिधि को अपनी राजनीतिक दिशा तय करने का अधिकार है।
क्या शुरू हो चुका है ‘ऑपरेशन टाइगर-3
शिवसेना विधायक मुर्जी पटेल ने दावा किया है कि ‘ऑपरेशन टाइगर’ अभी समाप्त नहीं हुआ है। उनके अनुसार आने वाले समय में कई विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अभी केवल शुरुआत हुई है और आगे ‘ऑपरेशन टाइगर-3’ तथा ‘ऑपरेशन टाइगर-4’ जैसे राजनीतिक घटनाक्रम भी देखने को मिल सकते हैं। हालांकि इन दावों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है और न ही संभावित नेताओं के नाम सामने आए हैं।
शिवसेना यूबीटी के सामने बढ़ी चुनौती
लगातार हो रहे राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच शिवसेना यूबीटी के सामने अपने संगठन को एकजुट बनाए रखने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। पार्टी नेतृत्व लगातार अपने जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के साथ संपर्क बनाए हुए है। दूसरी ओर शिंदे गुट अपने संगठन के विस्तार और राजनीतिक प्रभाव को मजबूत करने की कोशिश में जुटा हुआ है। ऐसे में आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में और भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
आने वाले समय पर सभी की नजर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि आने वाले समय में और सांसद, विधायक या स्थानीय जनप्रतिनिधि दल बदलते हैं तो महाराष्ट्र की राजनीति का समीकरण पूरी तरह बदल सकता है। वहीं यदि ऐसा नहीं होता है तो विपक्ष इस पूरे घटनाक्रम को केवल राजनीतिक प्रचार बताने की कोशिश करेगा। फिलहाल ‘ऑपरेशन टाइगर’ की पहली तस्वीर ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और अब सभी की नजर आगामी राजनीतिक घटनाक्रमों पर टिकी हुई है।