मन की बात में विरासत, विज्ञान और युवाशक्ति पर जोर: प्रधानमंत्री मोदी
मन की बात के 134वें संस्करण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं की उपलब्धियों, भारतीय सांस्कृतिक धरोहरों की वापसी, खगोल विज्ञान के बढ़ते प्रभाव, गंगा डॉल्फिन संरक्षण और शिक्षिका गिरिजा अम्मा की प्रेरणादायक पहल का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत की युवा शक्ति, वैज्ञानिक सोच और सांस्कृतिक चेतना देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
दि राइजिंग न्यूज़। नई दिल्ली। 1 जून 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को प्रसारित मन की बात के 134वें संस्करण में देशवासियों को संबोधित करते हुए युवाओं की उपलब्धियों, भारत की सांस्कृतिक विरासत, खगोल विज्ञान के प्रति बढ़ते आकर्षण और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि देश के युवा लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं और विश्व स्तर पर भारत का नाम रोशन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने भारतीय खिलाड़ियों गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के खिलाड़ी लगातार नए रिकॉर्ड बना रहे हैं। उन्होंने युवाओं की प्रतिभा और परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सफलता पूरे देश को प्रेरित कर रही है।
नीदरलैंड में लौटी भारत की ऐतिहासिक धरोहर
प्रधानमंत्री ने हाल ही में नीदरलैंड की अपनी यात्रा का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वहां आयोजित एक विशेष समारोह में चोल काल की प्राचीन ताम्र पट्टिकाएं भारत को वापस सौंपी गईं। उन्होंने कहा कि यह क्षण हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है और भारत की ऐतिहासिक धरोहरों को वापस लाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि ज्ञान भारतम् अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के मल्हार क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण पुरातात्विक खोज हुई है। यहां तीन दुर्लभ ताम्र पट्टिकाएं प्राप्त हुई हैं, जिन्हें पांडुवंशी राजवंश के महर्षि बालार्जुन के शासनकाल से जुड़ा माना जा रहा है।
खगोल विज्ञान के प्रति बढ़ रहा युवाओं का आकर्षण
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में सदियों से खगोल विज्ञान के प्रति विशेष रुचि रही है। देश की प्राचीन वेधशालाएं और गणितीय उपलब्धियां इसकी गवाही देती हैं। उन्होंने कहा कि आज बड़े शहरों से लेकर छोटे कस्बों तक खगोल विज्ञान से जुड़े समूह तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। उन्होंने बेंगलुरु की खगोलीय संस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां नियमित रूप से आकाशीय अवलोकन कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में युवा भाग लेते हैं। यह विज्ञान के प्रति बढ़ती जागरूकता का सकारात्मक संकेत है।
गंगा डॉल्फिन बचाने वाली एम्बुलेंस बनी उम्मीद
प्रधानमंत्री ने देश की पहली गंगा डॉल्फिन बचाव एम्बुलेंस का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में एक गंगा डॉल्फिन नहर में फंस गई थी। ऐसे समय में नमामि गंगे अभियान के तहत संचालित एम्बुलेंस ने उसे सुरक्षित बाहर निकालने, उपचार करने और बाद में राप्ती नदी में छोड़ने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि यह पहल जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
शिक्षिका गिरिजा अम्मा की अनोखी पहल
प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु के नागरकोइल की शिक्षिका गिरिजा अम्मा का उल्लेख करते हुए उनकी देशभक्ति और सामाजिक योगदान की सराहना की। उन्होंने बताया कि गिरिजा अम्मा ने अपने विद्यालयों के विद्यार्थियों को सैनिकों के सम्मान में प्रतिदिन एक रुपया बचाने के लिए प्रेरित किया। इस अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों ने मिलकर लगभग 40 लाख रुपये एकत्र किए, जो देशसेवा की भावना का प्रेरणादायक उदाहरण है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे प्रयास समाज में राष्ट्रभक्ति और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं।