सचिवों के साथ बैठक में पीएम मोदी ने दिया सुशासन का मंत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों के सचिवों के साथ बैठक कर 'ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस', 'ईज़ ऑफ लिविंग' और आत्मनिर्भर भारत को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा की। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय, नियमों के सरलीकरण और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।

सचिवों के साथ बैठक में पीएम मोदी ने दिया सुशासन का मंत्र

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 1 जुलाई 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को 'सेवा तीर्थ' में भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के सचिवों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान प्रशासनिक सुधार, कारोबार को आसान बनाने, आम लोगों के जीवन को सुविधाजनक बनाने और आत्मनिर्भर भारत अभियान को गति देने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक का मुख्य फोकस दो प्रमुख मुद्दों पर रहा। पहला, 'ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस' और 'ईज़ ऑफ लिविंग' को मजबूत बनाने के लिए नियमों में सुधार और प्रक्रियाओं को सरल बनाना। दूसरा, देश में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न मंत्रालयों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा करना।

मंत्रालयों ने रखी अपनी प्रगति रिपोर्ट

बैठक के दौरान विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के सचिवों ने अपने-अपने क्षेत्रों में चल रही योजनाओं और सुधारात्मक कदमों की जानकारी प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की। अधिकारियों ने बताया कि किस प्रकार सरकारी नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू कर प्रधानमंत्री के विजन को जमीनी स्तर पर परिणामों में बदला जा रहा है।सचिवों ने अपने-अपने क्षेत्रों की चुनौतियों, प्रशासनिक बाधाओं और सेवा वितरण प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए तैयार की गई भविष्य की रणनीतियों पर भी चर्चा की।

'होल-ऑफ-गवर्नमेंट' दृष्टिकोण अपनाने पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में 'होल-ऑफ-गवर्नमेंट' यानी पूरी सरकार को एक एकीकृत इकाई के रूप में कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विभागों के बीच समन्वय बढ़ाकर और अनावश्यक प्रशासनिक बाधाओं को समाप्त कर बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे मंत्रालयों के बीच सहयोग की भावना को मजबूत करें ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी से और प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंच सके।

पीएम गतिशक्ति प्लेटफॉर्म के व्यापक उपयोग की सलाह

बैठक में प्रधानमंत्री ने 'पीएम गतिशक्ति' प्लेटफॉर्म के अधिकतम उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह मंच विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने, आंकड़ों के आधार पर निर्णय लेने और विकास परियोजनाओं की निगरानी के लिए एक प्रभावी माध्यम साबित हो सकता है।प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि एकीकृत योजना निर्माण और बेहतर समन्वय के माध्यम से विकास कार्यों को अधिक गति दी जा सकती है।

योजनाओं का असर जनता तक पहुंचे

प्रधानमंत्री मोदी ने सचिवों से कहा कि सरकारी योजनाओं की सफलता केवल उनके निर्माण या घोषणा से नहीं, बल्कि उनके वास्तविक प्रभाव से तय होती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे।उन्होंने कहा कि नीति निर्माण और क्रियान्वयन का अंतिम उद्देश्य नागरिकों के जीवन को सरल, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना होना चाहिए।

आत्मनिर्भर भारत को नई गति देने पर चर्चा

बैठक में आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत विभिन्न क्षेत्रों में हो रही प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने घरेलू उत्पादन बढ़ाने, नवाचार को प्रोत्साहन देने, निवेश आकर्षित करने और स्थानीय उद्योगों को मजबूत बनाने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी।प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भरता को देश की दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती का आधार बताते हुए इस दिशा में तेज और प्रभावी कार्य करने का आह्वान किया।

प्रशासनिक सुधारों पर रहेगा फोकस

बैठक के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि केंद्र सरकार प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने, अनावश्यक नियमों को समाप्त करने और डिजिटल तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। सरकार का लक्ष्य ऐसा प्रशासनिक ढांचा तैयार करना है जो नागरिकों और उद्योग जगत दोनों के लिए अधिक पारदर्शी, तेज और उत्तरदायी हो।प्रधानमंत्री की यह बैठक आने वाले समय में शासन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, समन्वित और परिणाम-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।