प्रयागराज शिक्षा निदेशालय में छात्रों का प्रदर्शन:अभ्यर्थी बोले-कक्षा 6-8 में 40 हजार पदों की जरूरत,50% पदोन्नति से तो 50% सीधी भर्ती हो
जूनियर स्तर यानी कक्षा छह से आठ तक के विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती की मांग को लेकर प्रयागराज के शिक्षा निदेशालय परिसर में अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से प्राथमिक, टीजीटी और पीजीटी भर्ती के साथ जूनियर स्तर की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि लंबे समय से कई सरकारी विद्यालय शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं और एक-एक शिक्षक के भरोसे स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। पदोन्नति-सीधी भर्ती में 50-50 का अनुपात लागू होना चाहिए। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि कक्षा छह से आठ तक की पढ़ाई का जिम्मा केवल टीजीटी शिक्षकों पर डालकर जूनियर शिक्षकों की भर्ती को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान को सफल बनाने के लिए सरकारी विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति जरूरी है। संयुक्त हुकांर मंच के सयोंजक पंकज पांडेय ने का कहना है कि जूनियर स्तर पर करीब 40 हजार पदों की भर्ती की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह संख्या शुरुआती अनुमान है और सरकारी विद्यालयों की वास्तविक स्थिति को देखते हुए शिक्षकों के कई लाख पदों की जरूरत हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी विद्यालयों की उपेक्षा की जा रही है, जबकि निजी विद्यालयों को बढ़ावा दिया जा रहा है। पदोन्नति और सीधी भर्ती का अनुपात तय करने की मांग प्रदर्शनकारियों ने पदोन्नति और सीधी भर्ती के संबंध में 50-50 का अनुपात लागू करने की मांग की। उनका कहना है कि यदि 50 प्रतिशत पद पदोन्नति से भरे जाते हैं तो कम से कम 50 प्रतिशत पदों पर सीधी भर्ती की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज का प्रदर्शन सरकार को केवल अल्टीमेटम देने के लिए किया गया है। यदि जल्द ही जूनियर स्तर की भर्ती पर निर्णय नहीं लिया गया तो अभ्यर्थी सड़क पर उतरकर आंदोलन तेज करेंगे। जरूरत पड़ने पर न्यायालय का भी रुख किया जाएगा। छात्रों ने चेतावनी दी कि छात्रों और सरकारी विद्यालयों से जुड़े इस मुद्दे की अनदेखी का असर चुनाव में दिखाई देगा। उन्होंने सरकार से छात्रों के हित में कक्षा छह से आठ तक के शिक्षकों की भर्ती का बड़ा फैसला लेने की मांग की।
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