पशु तस्करी में इस्तेमाल ट्रक और डस्टर कार जब्त:कंधरापुर पुलिस की प्रभावी पैरवी पर जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय का फैसला, ट्रक से बरामद हुए थे आठ प्रतिबंधित पशु
आजमगढ़ जिले में प्रतिबंधित पशुओं की तस्करी और अवैध परिवहन के मामले में कंधरापुर पुलिस की प्रभावी पैरवी के बाद जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने बड़ी कार्रवाई की है। न्यायालय ने तस्करी में इस्तेमाल किए गए ट्रक और उसकी रेकी करने वाली डस्टर कार को राज्य सरकार के पक्ष में सम्पहरित (जब्त) करने का आदेश दिया है। 30 नवंबर 2025 को एसओजी प्रभारी संजय कुमार सिंह और कंधरापुर थाने की संयुक्त टीम ने चेकिंग के दौरान एक ट्रक संख्या UP62T 5312 को पकड़ा था। ट्रक में आठ प्रतिबंधित पशुओं को क्रूरतापूर्वक लादकर ले जाया जा रहा था। ट्रक के आगे चल रही डस्टर कार संख्या UP16AN 3096 से रेकी की जा रही थी, ताकि तस्करी में इस्तेमाल ट्रक को पुलिस की कार्रवाई से बचाया जा सके। पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर कंधरापुर थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना के दौरान ट्रक का स्वामी विशाल पुत्र चंदेलाल निवासी मदारपुर पटैला, थाना खुटहन, जौनपुर तथा डस्टर कार का स्वामी जान मोहम्मद पुत्र मोहम्मद शमशेर निवासी पटैला, थाना खुटहन, जौनपुर पाया गया। जांच में दोनों वाहनों का इस्तेमाल प्रतिबंधित पशुओं की तस्करी और अवैध परिवहन में किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद कंधरापुर पुलिस की आख्या और पुलिस अधीक्षक की संस्तुति पर उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम की धारा 5(क) की उपधारा सात के तहत जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में जब्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई। वाहन स्वामी को दिया गया था समय वाहन स्वामियों को अपना पक्ष रखने का अवसर देने और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने 12 अक्टूबर 2026 को दोनों वाहनों को राज्य सरकार के पक्ष में सम्पहरित करने का आदेश पारित किया। जब्त किए गए वाहनों में प्रतिबंधित पशुओं के अवैध परिवहन में इस्तेमाल ट्रक UP62T 5312 और उसकी रेकी में प्रयुक्त डस्टर कार UP16AN 3096 शामिल हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में जनपद पुलिस द्वारा प्रतिबंधित पशुओं की तस्करी और अवैध परिवहन में इस्तेमाल वाहनों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई का अभियान जारी है।
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