डमी के सहारे पुलिस ने समझा घटनाक्रम, सिया गोयल से कराई गई जांच

पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में पुलिस ने आरोपियों से सच सामने लाने के लिए लोहागढ़ किले पर क्राइम सीन रीक्रिएशन किया। आरोपी सिया गोयल को घटनास्थल पर ले जाकर डमी के जरिए पूरी घटना दोहराई गई। पुलिस अब दोनों आरोपियों के बयानों और तकनीकी सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।

डमी के सहारे पुलिस ने समझा घटनाक्रम, सिया गोयल से कराई गई जांच

दि राइजिंग न्यूज़ | पुणे | 29 जून 2026

लोहागढ़ किले पर क्राइम सीन रीक्रिएशन

पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में पुलिस जांच ने एक नया मोड़ ले लिया है। रविवार को पुलिस ने आरोपी सिया गोयल को लोहागढ़ किले पर ले जाकर घटनास्थल पर क्राइम सीन रीक्रिएशन कराया। इस दौरान पूरी घटना को डमी के सहारे दोहराने की कोशिश की गई ताकि यह समझा जा सके कि 18 जून को वास्तव में क्या हुआ था।


तड़के घटनास्थल पर पहुंची पुलिस टीम

पुलिस टीम सुबह-सुबह सिया गोयल को लेकर लोहागढ़ किले पहुंची। आरोपी इस दौरान व्हाइट टी-शर्ट पहनकर चेहरा ढके हुए नजर आई।यह वही स्थान है जहां 18 जून को रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की खाई में गिरकर मौत हुई थी, जिसे बाद में पुलिस ने संदिग्ध हत्या का मामला माना।


डमी बॉडी के जरिए पूरी घटना का पुनर्निर्माण

पुलिस ने जांच के दौरान केतन अग्रवाल के वजन के बराबर एक डमी बॉडी तैयार की।जांच अधिकारियों ने सिया गोयल से घटनास्थल पर यह दिखाने को कहा कि कथित तौर पर केतन को कैसे धक्का दिया गया था और वह किस दिशा में गिरा था।डीएसपी गजानन टोम्पे के अनुसार, इस प्रक्रिया का उद्देश्य घटनाक्रम को वैज्ञानिक तरीके से समझना था।


चेतन चौधरी भी होंगे शामिल

पुलिस के अनुसार, इस केस में आरोपी चेतन चौधरी को भी अलग से घटनास्थल पर ले जाकर इसी तरह का रीक्रिएशन कराया जाएगा।दोनों आरोपियों के बयानों का मिलान किया जाएगा ताकि यह पता चल सके कि उनके बयान एक-दूसरे से मेल खाते हैं या नहीं।


जांच में सामने आई साजिश की थ्योरी

पुलिस का दावा है कि यह घटना केवल दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या हो सकती है।जांच के अनुसार, 18 जून को केतन अग्रवाल अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ लोहागढ़ किले पहुंचे थे, जहां पहले से ही चेतन चौधरी मौजूद था।पुलिस का आरोप है कि पहले से बनी योजना के तहत केतन को किले से धक्का दिया गया।


शादी से जुड़ा विवाद भी जांच में

जांच के दौरान सिया गोयल से पूछताछ में यह बात सामने आई कि वह केतन से शादी नहीं करना चाहती थी।पुलिस के अनुसार, परिवार की बदनामी के डर और निजी रिश्तों के दबाव के कारण कथित तौर पर साजिश रची गई।


डिजिटल सबूतों की भी जांच जारी

पुलिस इस मामले में मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, चैट, लोकेशन हिस्ट्री और अन्य डिजिटल फुटप्रिंट की भी जांच कर रही है।इसके अलावा घटना से पहले और बाद की पूरी गतिविधियों की टाइमलाइन भी तैयार की जा रही है।


अब भी कई सवाल अनसुलझे

पुलिस की जांच के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि 18 जून को लोहागढ़ किले पर वास्तव में क्या हुआ था।अब डमी रीक्रिएशन, बयान और डिजिटल सबूतों के आधार पर पुलिस इस मामले की परतें खोलने की कोशिश कर रही है।