पूर्व सांसद पकौड़ी लाल कोल ने बनाई नई पार्टी:विंध्य समता समाज पार्टी के बने राष्ट्रीय अध्यक्ष, अपना दल (एस) से अलग होने के बाद उठाया कदम
मिर्जापुर में अपना दल (एस) से नाराज चल रहे पूर्व सांसद पकौड़ी लाल कोल ने नई राजनीतिक पार्टी विंध्य समता समाज पार्टी (वीएसएसपी) का गठन किया है। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का दायित्व संभालने की घोषणा की। 18 अक्टूबर को लालगंज क्षेत्र के बनकट गांव स्थित एक निजी विद्यालय में हुई बैठक के बाद नए संगठन के गठन का ऐलान किया गया। इसके साथ ही जिले की राजनीति में नई पार्टी को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पार्टी की घोषणा करते हुए पकौड़ी लाल कोल ने कहा कि अब तक वे विभिन्न राजनीतिक दलों के नाम लेते थे और उनके झंडे फहराते थे, लेकिन अब उनकी अपनी पार्टी है। उन्होंने कहा कि नई पार्टी सर्व समाज के गरीबों, मजदूरों, किसानों और व्यापारियों की आवाज बनेगी। उनका संकल्प कोल समाज के विकास के साथ वंचित और जरूरतमंद वर्गों के हितों के लिए काम करना है। 2024 में टिकट नहीं मिलने पर हुए थे नाराज पकौड़ी लाल कोल वर्ष 2019 में अपना दल (एस) के टिकट पर रॉबर्ट्सगंज लोकसभा सीट से सांसद चुने गए थे। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने उनकी जगह उनकी बहू रिंकी कोल को प्रत्याशी बनाया था। इस फैसले से पकौड़ी लाल कोल नाराज हो गए थे। इसके बाद उन्होंने अपना दल (एस) से अलग होने का ऐलान किया। इससे पहले 13 जनवरी 2025 को मिर्जापुर में कोल समाज की बैठक में उन्होंने पार्टी से अलग होने की घोषणा की थी। उस समय भी उन्होंने अलग संगठन बनाकर कोल समाज के विकास के लिए काम करने की बात कही थी। अब विंध्य समता समाज पार्टी के गठन के साथ उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की नई शुरुआत की है। रिपब्लिकन पार्टी से शुरू किया था राजनीतिक सफर पकौड़ी लाल कोल ने वर्ष 1994 में रिपब्लिकन पार्टी से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। इसके बाद वे अपना दल और बहुजन समाज पार्टी से जुड़े। वर्ष 2002-03 में बसपा के टिकट पर छानबे विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने। वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के टिकट पर रॉबर्ट्सगंज सीट से सांसद चुने गए, जबकि 2014 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। 27 मार्च 2019 को समाजवादी पार्टी छोड़कर अपना दल (एस) में शामिल होने के बाद उन्होंने रॉबर्ट्सगंज सीट से चुनाव लड़ा। भाजपा और अपना दल (एस) गठबंधन के प्रत्याशी के रूप में उन्हें जीत मिली। सांसद रहते हुए वे उद्योग संबंधी समिति और भारी उद्योग मंत्रालय की परामर्श समिति के सदस्य भी रहे। बेटे के निधन के बाद बहू बनीं विधायक पकौड़ी लाल कोल के बेटे राहुल कोल छानबे सुरक्षित विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे। उनके आकस्मिक निधन के बाद अपना दल (एस) ने उपचुनाव में उनकी पत्नी रिंकी कोल को प्रत्याशी बनाया। रिंकी कोल ने चुनाव जीतकर विधानसभा में प्रतिनिधित्व हासिल किया। अब नई पार्टी के गठन के बाद पकौड़ी लाल कोल ने कोल समाज के विकास और वंचित वर्गों के हितों को अपने राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बताया है। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले उनकी पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों पर नजर रहेगी।
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