राम मंदिर चंदा विवाद पर यूपी में सियासी संग्राम

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर ‘डोनेशन फर्स्ट’ की राजनीति करने का आरोप लगाया है, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए सपा पर पलटवार किया है। मामले की जांच एसआईटी कर रही है और इसे लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

राम मंदिर चंदा विवाद पर यूपी में सियासी संग्राम

दि राइजिंग न्यूज़ | लखनऊ | 29 जून 2026

राम मंदिर चंदा विवाद पर गरमाई राजनीति

अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। विपक्ष इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है, जबकि सत्तारूढ़ पक्ष का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और दोषियों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा।


अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला

प्रयागराज में मीडिया से बातचीत के दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के लिए "नेशन फर्स्ट" नहीं बल्कि "डोनेशन फर्स्ट" की नीति महत्वपूर्ण है।अखिलेश ने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जनता को पूरी सच्चाई बताई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा किसी व्यक्ति के दर्शन करने या न करने का नहीं, बल्कि मंदिर प्रबंधन में सामने आई कथित अनियमितताओं का है।उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अयोध्या में विकास और रिकॉर्ड बनाने की बातें करते हैं, लेकिन कथित गड़बड़ियों की जानकारी तक उन्हें नहीं हो सकी। इसी संदर्भ में उन्होंने "चिराग तले अंधेरा" वाली कहावत का उल्लेख किया।


सरकार पर कई अन्य मुद्दों को लेकर भी साधा निशाना

अखिलेश यादव ने केवल राम मंदिर विवाद ही नहीं, बल्कि पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता, आरक्षण, शिक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और कानून व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरा।उन्होंने दावा किया कि यदि वर्ष 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो वार्षिक भर्ती कैलेंडर जारी किया जाएगा, परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित बनाया जाएगा और भर्ती घोटालों में शामिल लोगों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाएगी।इसके अलावा उन्होंने फर्जी एनकाउंटर, स्कूल बंद होने, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की कार्यप्रणाली और हालिया लखनऊ अग्निकांड जैसे मुद्दों पर भी सरकार से जवाब मांगा।


योगी आदित्यनाथ का तीखा पलटवार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस में एक कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को अयोध्या की चिंता करने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए।योगी ने कहा कि यदि अखिलेश यादव में साहस है तो उन्हें श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मुद्दे पर भी खुलकर अपनी राय रखनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अखिलेश केवल राजनीतिक बयानबाजी कर रहे हैं और उनके पास उत्तर प्रदेश के विकास के लिए कोई ठोस एजेंडा नहीं है।उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश इस समय "खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे" वाली स्थिति में दिखाई दे रहे हैं।


रामभक्तों पर गोली चलाने का आरोप

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के राजनीतिक इतिहास का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अतीत में राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रामभक्तों पर गोली चलाने की घटनाओं को जनता भूली नहीं है।योगी ने कहा कि जो लोग आज अयोध्या और राम मंदिर की चिंता जता रहे हैं, उन्हें अपने राजनीतिक इतिहास को भी देखना चाहिए।


वीएचपी ने कहा- किसी को नहीं बचाया जाएगा

विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा मामले में किसी भी दोषी को बचाया नहीं जाएगा।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं चाहते हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।आलोक कुमार ने यह भी कहा कि सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कानूनी प्रक्रिया पूरी होने से जनता का भरोसा और मजबूत होगा।


आरएसएस ने राजनीति से दूर रहने की सलाह दी

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह एक संवेदनशील और आस्था से जुड़ा विषय है, इसलिए राजनीतिक दलों को इस पर अनावश्यक राजनीति नहीं करनी चाहिए।उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया जा चुका है और सभी पक्षों को जांच पूरी होने का इंतजार करना चाहिए।इंद्रेश कुमार ने कहा कि देश की न्याय व्यवस्था पर भरोसा रखना चाहिए और किसी भी प्रकार की अफवाह या राजनीतिक बयानबाजी से बचना चाहिए।


एसआईटी जांच पर टिकी सबकी नजर

राम मंदिर चढ़ावा मामले में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी जांच कर रही है। जांच एजेंसियां कथित धन गबन, लेनदेन और अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।राजनीतिक बयानबाजी के बीच अब सबकी नजर एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में वास्तविक तथ्य क्या हैं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।