रंगदारी केस में होटल-कारोबारी का ड्राइवर कोर्ट में बेहोश हुआ:बोला- फर्जी रेप केस में मुझे फंसाया था, अखिलेश दुबे को पैसे देने जाता था
डेढ़ करोड़ की रंगदारी के मुकदमे में गुरुवार को जिलाजज की कोर्ट में पांचवे गवाह के रूप में होटल कारोबारी सुरेश पाल के ड्राइवर के बयान दर्ज हुए, जहां ड्राइवर बेहोश हो गया। जिसके बाद उसे आनन–फानन कार्डियोलॉजी ले जाया गया। कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख 27 अक्टूबर निर्धारित की है। ड्राइवर ने कोर्ट में कहा- कि नौबस्ता थाने में दर्ज हुए पॉक्सो एक्ट के मुकदमे में मैं भी आरोपी था, अखिलेश दुबे और लवी का होटल में आना जाना भी था। होटल कारोबारी ने 7 अगस्त को दर्ज कराया था केस होटल कारोबारी सुरेश पाल ने 7 अगस्त 2025 को किदवई नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि अधिवक्ता अखिलेश दुबे व उसके साथी आयुष मिश्रा उर्फ लवी ने उन्हें रेप के झूठे मुकदमे में फंसाकर ढाई करोड़ रुपये की रंगदारी वसूली। अखिलेश दुबे व आयुष मिश्रा के खिलाफ आरोप तय होने के बाद वादी सुरेश पाल और उनका बेटा पुष्पेंद्र कुकरेजा कोर्ट में अपने बयानों से मुकर गए थे। दोनों ने कोर्ट में कहा था कि उनसे रंगदारी नहीं मां गई और न ही अखिलेश दुबे ने कोई पैसा लिया। गुरुवार को सुरेश पाल के ड्राइवर कंचन कुशवाहा के कोर्ट में बयान दर्ज होने थे। कार्यवाहक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ओंकार नाथ वर्मा ने बताया कि रिपोर्ट में दर्ज कराया गया था कि कंचन कुशवाहा ही आरोपियों को रंगदारी देने जाता था। अभियोजन की ओर से उससे पूछा गया कि क्या रेप के झूठे मुकदमे में उसका नाम भी दर्ज कराया गया था ? जिस पर उसने हां में जवाब दिया। उसने बताया कि पॉक्सो एक्ट का एक मुकदमा वर्ष 2022 में दर्ज हुआ था, जिसमें मैं भी आरोपी बनाया गया था। गवाह बोला- अखिलेश और लवी का होटल आना-जाना था उसने कबूल किया कि- अखिलेश दुबे और लवी मिश्रा का होटल में आना-जाना था, मैं उनको जानता था। पैसों का लेनदेन हुआ था, मैं पैसे देने के लिए भी जाता था। सुनवाई के दौरान वह अभियोजन के पक्ष में गवाही दे रहा था, कि अचानक उसी समय ड्राइवर बेहोश गया। जिसके बाद उसके अधिवक्ता और अन्य लोग उसे कार्डियोलॉजी ले जाने की बात कहते हुए उसे लेकर चले गए। तबीयत बिगड़ने पर कोर्ट ने सुनवाई की अगली तिथि तय की।
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