तुर्किए से भारत लाया गया सलीम डोला, दाऊद इब्राहिम ड्रग नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई

भारत की जांच एजेंसियों ने तुर्किए से दाऊद इब्राहिम के करीबी सलीम डोला को प्रत्यर्पित कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी पर अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क चलाने के गंभीर आरोप हैं। ऑपरेशन ग्लोबल हंट के तहत यह कार्रवाई की गई, जिससे वैश्विक अपराध नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।भारत की जांच एजेंसियों ने तुर्किए से दाऊद इब्राहिम के करीबी सलीम डोला को प्रत्यर्पित कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी पर अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क चलाने के गंभीर आरोप हैं। ऑपरेशन ग्लोबल हंट के तहत यह कार्रवाई की गई, जिससे वैश्विक अपराध नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

तुर्किए से भारत लाया गया सलीम डोला, दाऊद इब्राहिम ड्रग नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई

दि राइजिंग न्यूज डेस्क | 2 मई 2026 ।

भारत की सुरक्षा एजेंसियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी सफलता हासिल हुई है। कुख्यात अपराधी और दाऊद इब्राहिम के करीबी माने जाने वाले सलीम डोला को तुर्किए से भारत लाया गया है। यह पूरी कार्रवाई केंद्रीय जांच एजेंसियों, गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के संयुक्त समन्वय से पूरी की गई। लंबे समय से फरार चल रहा यह आरोपी कई देशों में छिपकर रह रहा था और उसे पकड़ना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा था।

 तुर्किए से प्रत्यर्पण की बड़ी कार्रवाई

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार सलीम डोला को तुर्किए से सफलतापूर्वक भारत लाया गया है। इस पूरी प्रक्रिया में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई एजेंसियों ने सहयोग किया। आरोपी लंबे समय से अपनी पहचान छिपाकर विदेश में रह रहा था। उसे भारत लाना एक जटिल कानूनी और कूटनीतिक प्रक्रिया थी। हालांकि सभी औपचारिकताओं के बाद उसे भारत वापस लाने में सफलता मिली।

 ड्रग तस्करी नेटवर्क का बड़ा संचालक

जांच में सामने आया है कि सलीम डोला दाऊद इब्राहिम के ड्रग नेटवर्क का प्रमुख हिस्सा था। वह कई देशों में फैले संगठित गिरोह को नियंत्रित करता था। इस नेटवर्क के जरिए सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी की जाती थी। एजेंसियों के अनुसार वह तुर्किए को ट्रांजिट हब की तरह इस्तेमाल करता था। उसका नेटवर्क बेहद संगठित और गुप्त तरीके से काम करता था।

 एक छोटी गलती से खुला पूरा राज

सूत्रों के अनुसार सलीम डोला लंबे समय तक किसी से संपर्क नहीं करता था और लगातार अपना ठिकाना बदलता रहता था। लेकिन उसने एक बड़ी गलती कर दी जब उसने अपने छिपने के स्थान पर एक पार्सल मंगवा लिया। इसी छोटे सुराग ने जांच एजेंसियों को उसकी लोकेशन तक पहुंचा दिया। इसके बाद इंटरपोल की मदद से उसकी गिरफ्तारी संभव हुई।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त अभियान

इस पूरे ऑपरेशन को ऑपरेशन ग्लोबल हंट के तहत अंजाम दिया गया। भारत सरकार, विदेश मंत्रालय और कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने मिलकर समन्वय किया। हालांकि तुर्किए के साथ प्रत्यर्पण संधि नहीं है, फिर भी कूटनीतिक सहयोग से यह कार्रवाई संभव हुई। यह अभियान अंतरराष्ट्रीय अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।


 कई देशों में फैला हुआ नेटवर्क

जांच में यह भी सामने आया है कि सलीम डोला का नेटवर्क एशिया, यूरोप और मध्य पूर्व तक फैला हुआ था। वह कई अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करों से जुड़ा हुआ था। उसका नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से काम करता था और दूर से संचालन किया जाता था। अब जांच एजेंसियां उसके पूरे नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

सलीम डोला की गिरफ्तारी और भारत वापसी को भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। अब जांच एजेंसियां उसके पूरे गिरोह और विदेशी संपर्कों की गहराई से जांच कर रही हैं, जिससे आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।