संसद मार्च में चली पेलेट गन! बड़ा खुलासा
दिल्ली में छात्रों के संसद मार्च के दौरान पेलेट गन चलाए जाने के दावे ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। तीन लोगों के घायल होने की बात सामने आई है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल पूरे मामले की जांच कर रहा है, जबकि विपक्ष ने सरकार से जवाब और कार्रवाई की मांग की है।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 27 जुलाई 2026
दिल्ली के जंतर-मंतर में छात्रों के विरोध प्रदर्शन और संसद मार्च से जुड़ा मामला एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। सूत्रों के अनुसार, बीस जुलाई को हुए संसद मार्च के दौरान त्वरित कार्य बल के जवानों ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पेलेट गन का उपयोग किया था। इस कार्रवाई में तीन लोगों के घायल होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी।मामले को लेकर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के महानिदेशक ने बताया कि यह जांच की जा रही है कि किन परिस्थितियों में पेलेट गन का उपयोग किया गया और क्या कार्रवाई निर्धारित नियमों के अनुरूप थी। अधिकारियों के अनुसार पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। संभावना है कि एक से दो दिनों के भीतर इस संबंध में आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
विपक्ष ने सरकार से मांगा जवाब
पेलेट गन चलाने के दावे के बाद राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। विपक्ष का आरोप है कि यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान इस प्रकार के साधनों का प्रयोग किया गया है तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। विपक्षी दलों का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध प्रदर्शन नागरिकों का अधिकार है और ऐसे मामलों में संयम बरता जाना आवश्यक है।लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने पूछा है कि क्या युवाओं के खिलाफ पेलेट गन सहित बल प्रयोग की अनुमति दी गई थी। उन्होंने कहा कि सरकार का दायित्व केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उनकी मांगों पर संवाद करना भी है।
जांच में नियमों के पालन की होगी पड़ताल
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि मौके पर मौजूद जवानों ने परिस्थितियों के अनुरूप निर्णय लिया था या नहीं। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि भीड़ नियंत्रण के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया या किसी स्तर पर नियमों की अनदेखी हुई। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई और जिम्मेदारी तय होने की संभावना है।अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए उपलब्ध साक्ष्यों और घटनास्थल से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है।
जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद बढ़ा राजनीतिक टकराव
पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद संसद मार्च का आह्वान किया गया, जिसके दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बन गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े जाने की घटनाएं भी सामने आई थीं।इसी घटनाक्रम के बाद अब पेलेट गन के उपयोग का दावा सामने आने से मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है। विपक्ष इस मुद्दे को संसद और सार्वजनिक मंचों पर लगातार उठा रहा है, जबकि सरकार की ओर से जांच पूरी होने के बाद आधिकारिक स्थिति स्पष्ट किए जाने की बात कही गई है।
मुख्य बिंदु
- संसद मार्च के दौरान पेलेट गन चलाने का दावा।
- तीन लोगों के घायल होने की जानकारी।
- केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने जांच शुरू की।
- विपक्ष ने सरकार से जवाब मांगा।
- जांच रिपोर्ट के बाद आधिकारिक स्थिति होगी स्पष्ट।