SGPGI में कर्मचारी महासंघ ने किया निदेशक का घेराव धरना:स्थल और प्रदर्शन की अनुमति के प्रस्ताव पर जताई नाराजगी, दुर्व्यवहार का मुद्दा भी उठाया
SGPGI लखनऊ में सोमवार को कर्मचारी महासंघ से जुड़े कर्मचारियों ने निदेशक का घेराव किया। धरना स्थल निर्धारित करने, प्रदर्शन से पहले प्रशासन की अनुमति अनिवार्य करने और कर्मचारियों से दुर्व्यवहार के मुद्दे पर जमकर नाराजगी जताई। निदेशक के आश्वासन और खेद जताने के बाद घेराव खत्म हुआ। धरना-प्रदर्शन के लिए अनुमति का विरोध महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारी संस्थान में काम करते हैं तो अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाने के लिए उन्हें संस्थान से बाहर क्यों जाना पड़े। यह कर्मचारियों की आवाज दबाने की कोशिश है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महासंघ के नेताओं ने बताया कि 28 नवंबर को हुई गवर्निंग बॉडी की बैठक में धरना स्थल निर्धारित करने और प्रदर्शन से पहले प्रशासन की अनुमति अनिवार्य करने का एजेंडा लाया गया था। कर्मचारियों ने कहा कि यह प्रस्ताव पास होता तो उनके उत्पीड़न का नया रास्ता खुल जाता। यदि कर्मचारियों की जायज मांगों का समय पर निस्तारण हो तो धरना देने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। इस पर निदेशक ने स्वीकार किया कि उन्हें महसूस हुआ कि यह एजेंडा गलत तरीके से लाया गया था। इस मुद्दे पर बैठक में कोई बहस भी नहीं हुई। दुर्व्यवहार और वीआईपी कल्चर पर भी नाराजगी कर्मचारियों ने निदेशक पर कई बार दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया। इस पर निदेशक ने महासंघ से खेद जताया। वहीं, वीआईपी कल्चर को लेकर भी नाराजगी जाहिर की। कर्मचारियों का कहना था कि इससे अधिकारियों और कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। संस्थान की मर्यादा भी प्रभावित हो रही है। महासंघ ने कर्मचारियों के मानकीकरण सहित कई लंबित मुद्दों को भी उठाया। निदेशक की ओर से समाधान का आश्वासन मिलने के बाद घेराव समाप्त किया गया।
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