IIT कानपुर के फाउंडेशन डे पर 23 लोगों को सम्मान:डायरेक्टर ने 67 साल के गौरवशाली इतिहास को सबके सामने रखा
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर ने सोमवार को 67वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया। इस अवसर पर संस्थान ने अपनी अब तक की यात्रा, उपलब्धियों और समाज में किए गए योगदान को याद किया। समारोह का आयोजन आईआईटी कानपुर के मुख्य सभागार में किया गया, जिसमें आईआईटी खड़गपुर के पूर्व निदेशक एवं कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग के प्रोफेसर, प्रोफेसर प्रतीम चक्रवर्ती मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में आईआईटी कानपुर के शिक्षक, कर्मचारी, विद्यार्थी और पूर्व छात्र एक साथ नजर आए। इस अवसर पर शिक्षा, शोध, जनसेवा और अन्य क्षेत्रों में अपने काम से पहचान बनाने वाले कुल 23 लोगों को चार श्रेणियों में सम्मानित किया गया। इनमें इंस्टीट्यूट फेलो, विशिष्ट पूर्व छात्र, सत्येंद्र के दुबे मेमोरियल पुरस्कार और यंग एलुमनाई पुरस्कार शामिल रहे। अपने स्वागत संबोधन में आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रोफेसर मणीन्द्र अग्रवाल ने संस्थान की गौरवशाली विरासत का उल्लेख किया और आगे ले जाने का दृष्टिकोण साझा किया। उन्होंने 'ग्रेटर दैन अस' अभियान का जिक्र करते हुए बताया कि इसके अंतर्गत एक अरब अमेरिकी डॉलर की राशि जुटाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि संस्थान की अनुसंधान, शैक्षणिक और प्रौद्योगिकी विकास संबंधी क्षमताओं को और अधिक सशक्त बनाया जा सके। मुख्य अतिथि प्रोफेसर प्रतीम चक्रवर्ती ने आईआईटी कानपुर को 67वें स्थापना दिवस की बधाई दी और देश में इंजीनियरिंग शिक्षा और वैज्ञानिक शोध के क्षेत्र में संस्थान के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि आईआईटी कानपुर एक अग्रणी संस्थान है और स्वतंत्र भारत की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। उन्होंने आईआईटी कानपुर को अपनी मौसी का घर बताया। इनको मिला सम्मान इंस्टीट्यूट फेलो पुरस्कार: प्रोफेसर वी. इंद्रनील मन्ना (पदार्थ विज्ञान/Material Science) और प्रो. विज्ञान (रसायन विज्ञान/Chemistry) को यह पुरस्कार प्रदान किया गया।
विशिष्ट पूर्व छात्र पुरस्कार: इस श्रेणी के तहत 15 पूर्व छात्रों को सम्मानित किया गया। इनमें प्रो. प्रकाश पनांगडेन, प्रो. उपमन्युलाल, प्रो. रोहित आहूजा, प्रो. हरीश चंद्र वर्मा, डॉ. पनंगमाला विजय कुमार, प्रो. दीपेंद्र प्रसाद, डॉ. जोसुला रामचंद्र राव, रवि अग्रवाल, लोकवीर कपूर, डॉ. तुषार दीपक चंद्रा, प्रो. सरमा, संजय ई., डॉ. विज्ञान सिंघल, डॉ. संतीश चंद्र, रजत वर्मा और अभिषेक विनोद सिंह।
सत्येंद्र के दुबे मेमोरियल पुरस्कार: आईआईटी कानपुर के सिविल एवं पर्यावरण अभियांत्रिकी विभाग के पूर्व प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष स्वर्गीय डॉ. गुरु दास अग्रवाल और पुलिस उपमहानिरीक्षक बबलू कुमार को यह पुरस्कार दिया गया।
यंग एलुमनाई पुरस्कार: डी. डोनतीश श्रीवास्तव, प्रोफेज अहमद और निखिल कुरैले को अपने-अपने क्षेत्रों में किए गए अच्छे काम और उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।
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