स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने लगाए स्टॉल:बलरामपुर में 4 नवंबर तक चलेगा सरस मेला, योजनाओं की जानकारी भी मिलेगी
बलरामपुर में ग्रामीण महिलाओं के हुनर को बाजार देने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ी शुरुआत हुई है। शहर के एमपीपी इंटर कॉलेज प्रांगण में सोमवार दोपहर तीन बजे मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियों के बीच तीन दिवसीय 'सरस मेला 2026' का भव्य शुभारंभ किया गया। मेले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार हस्तनिर्मित उत्पाद लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बने हुए हैं। शासकीय योजनाओं की भी मिलेगी जानकारी आगामी 4 नवंबर तक चलने वाले इस मेले में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से आम जनमानस के लिए प्रवेश रहेगा। मेले का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को केवल उत्पाद निर्माण तक सीमित न रखकर उन्हें विपणन (मार्केटिंग) और स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। मेले में महिला उद्यमियों के स्टॉलों के साथ-साथ विभिन्न सरकारी विभागों के भी स्टॉल लगाए गए हैं, जहां आम जनता को शासन की कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जागरूक किया जा रहा है। अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती सरस मेले के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने का सुनहरा अवसर मिला है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और महिलाओं की आमदनी में बढ़ोतरी होगी। सीडीओ ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में मेले में पहुंचकर स्थानीय उत्पादों की खरीदारी करें और ग्रामीण महिलाओं का उत्साहवर्धन करें। उन्होंने कहा कि वोकल फॉर लोकल की यह सोच ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में मील का पत्थर साबित होगी। सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम मेले के सुचारू संचालन और प्रतिभागियों की सुविधा के लिए जिला प्रशासन ने कड़े और व्यापक इंतजाम किए हैं। दूर-दराज से आई महिला प्रतिभागियों के ठहरने, खान-पान, पेयजल, शौचालय और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। परिसर में पर्याप्त संख्या में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी प्रतिभागी या आगंतुक को असुविधा का सामना न करना पड़े।
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