सहकारी समितियों पर ताले, किसानों को नहीं मिल रही खाद:रबी की बुवाई प्रभावित, धान खरीद पर भी असर की आशंका

Oct 27, 2026 - 15:27
0
सहकारी समितियों पर ताले, किसानों को नहीं मिल रही खाद:रबी की बुवाई प्रभावित, धान खरीद पर भी असर की आशंका
अम्बेडकरनगर में बी-पैक्स सहकारी समितियों के कर्मचारियों की हड़ताल से जिले की सहकारी व्यवस्था चरमरा गई है। जनपद की सभी सहकारी समितियों पर ताले लटकने से किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। रबी सीजन में आलू, सरसों, मटर और चना की बुवाई की तैयारी कर रहे किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नियमित वेतन और सेवा संबंधी मांगों को लेकर समितियों के सचिव लखनऊ के ईको गार्डन में धरना दे रहे हैं। कर्मचारियों की हड़ताल लंबी खिंची तो खेती-किसानी के साथ धान खरीद व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। मंगलवार को सचिव संघ अम्बेडकरनगर के जिलाध्यक्ष वशिष्ठ कुमार शुक्ला ने बताया कि जिले की सभी समितियों पर ताला बंद है। समितियों के सचिव लखनऊ के ईको गार्डन मैदान में चल रहे धरने में शामिल हैं। कर्मचारी नियमित वेतन समेत अपनी सेवा संबंधी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही जा रही है। खाद के लिए समितियों के चक्कर लगा रहे किसान सहकारी समितियों पर खाद वितरण ठप होने से किसानों के सामने बुवाई का संकट खड़ा होने लगा है। किसान नरेंद्र, मनीराम और केवल ने बताया कि उन्हें आलू, सरसों, मटर और चना की बुवाई करनी है। इसके लिए खाद की जरूरत है, लेकिन समितियों पर ताला लगा होने से उर्वरक नहीं मिल पा रहा है। बुवाई का समय होने के कारण किसानों को चिंता सता रही है कि हड़ताल लंबी चली तो खेती का काम पिछड़ सकता है। ऐसे में उन्हें खाद के लिए दूसरे विकल्प तलाशने पड़ सकते हैं। धान खरीद पर भी मंडराने लगा संकट एक नवंबर से धान खरीद शुरू होने की तैयारी के बीच कर्मचारियों की हड़ताल ने प्रशासन के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। समितियों का संचालन सामान्य नहीं होने पर धान खरीद से जुड़े कार्य भी प्रभावित हो सकते हैं। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ने की आशंका है। फिलहाल हड़ताल के चलते खाद वितरण प्रभावित है। ऐसे में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना और आगामी धान खरीद व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना चुनौती होगी।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User