आजमगढ़ में लड़की की फर्जी पहचान बनाकर ठगी:साइबर सेल ने युवक को किया गिरफ्तार, टेलीग्राम पर अश्लील वीडियो कॉलिंग और आपत्तिजनक सामग्री उपलब्ध कराने का आरोप
आजमगढ़ जिले की साइबर सेल और जीयनपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने ऑनलाइन माध्यम से अश्लील सामग्री के प्रसार और धोखाधड़ी कर धनराशि प्राप्त करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। मामले का खुलासा साइबर सेल के नोडल अधिकारी पंकज श्रीवास्तव ने करते हुए बताया कि अब आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लड़की की फर्जी पहचान बनाकर लोगों से संपर्क करता था और टेलीग्राम के माध्यम से अश्लील वीडियो कॉलिंग और आपत्तिजनक सामग्री उपलब्ध कराने के नाम पर पैसे वसूलता था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन और 2,210 रुपये नकद बरामद किए हैं।
सोशल मीडिया पर लड़की की पहचान बनाकर करता था संपर्क
साइबर सेल के नोडल अधिकारी पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान गोपाल चौहान (22), पुत्र रामाशीष चौहान, निवासी असरूपुर, थाना जीयनपुर, जनपद आजमगढ़ के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ और मोबाइल फोन की जांच में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर स्नैपचैट समेत विभिन्न सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर लड़की की पहचान का इस्तेमाल कर लोगों से संपर्क करता था। आरोप है कि वह इंटरनेट से प्राप्त तस्वीरों और अश्लील वीडियो से तैयार स्क्रीनशॉट का उपयोग कर लोगों को आकर्षित करता था। इसके बाद टेलीग्राम के माध्यम से अश्लील वीडियो कॉलिंग और आपत्तिजनक सामग्री उपलब्ध कराने के नाम पर धनराशि प्राप्त करता था। कुछ लोगों को स्क्रीनशॉट भेजकर सामग्री उपलब्ध नहीं कराने और धोखे से मोबाइल रिचार्ज कराने की बात भी सामने आई है।
मोबाइल की जांच में मिले आपत्तिजनक फोटो-वीडियो
पुलिस की प्रारंभिक डिजिटल जांच में आरोपी के मोबाइल फोन की सर्च हिस्ट्री में अश्लील एवं वयस्क सामग्री से संबंधित वेबसाइटों की जानकारी मिली है। इसके अलावा टेलीग्राम पर विभिन्न चैट और 18+ ग्रुपों से संबंधित गतिविधियां तथा मोबाइल गैलरी में आपत्तिजनक फोटो और वीडियो मिलने की बात कही गई है। प्रारंभिक जानकारी में यह भी सामने आया है कि आरोपी की कथित गतिविधियों में मुख्य रूप से 50 वर्ष या उससे अधिक उम्र के व्यक्तियों को निशाना बनाया जाता था। हालांकि, इन तथ्यों का डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर सत्यापन किया जा रहा है। बैंक खातों में 4.34 लाख रुपये के लेनदेन की जानकारी
पुलिस ने बताया कि 1 जनवरी 2026 से 22 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध बैंकिंग हिस्ट्री के प्रारंभिक अवलोकन में 20 रुपये से लेकर 500 रुपये तक की कई छोटी धनराशियों के क्रेडिट ट्रांजेक्शन मिले हैं। इस अवधि में करीब 4 लाख 34 हजार रुपये की धनराशि खाते में आने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों, बैंकिंग रिकॉर्ड और सोशल मीडिया गतिविधियों की विस्तृत जांच कर रही है, ताकि कथित लेनदेन और इस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का सत्यापन किया जा सके।
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