श्मशान घाट पर ताला, 3 घंटे रुका अंतिम संस्कार:झांसी में चौकीदार शादी में गया, परिजनों ने शव सड़क पर रखा, तब पुलिस ने खुलवाया
झांसी में रविवार रात को श्मशान घाट पर ताला लगा होने के कारण लगभग 3 घंटे तक एक शव का अंतिम संस्कार नहीं हो सका। परिजनों का आरोप है कि चौकीदार श्मशान घाट के गेट पर ताला लगाकर शादी में चला गया। ताला देखकर परिजनों ने शव को बाहर ही रख लिया। 3 घंटे तक इंतजार करने पर भी ताला नहीं खुला। तब शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। सूचना पर पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गया। परिजनों ने कहा- वे पहले ही बता चुके थे कि शव को अंतिम संस्कार के लिए ला रहे हैं, फिर भी चौकीदार ताला लगाकर चला गया। पुलिस ने समझा बुझाकर मामला शांत करवाया और शव को सड़क से हटवाया। इसके बाद चौकीदार को बुलाकर गेट खुलवाया गया। तब परिजनों ने रात लगभग 11 बजे अंतिम संस्कार किया। पूरा मामला सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के पहूच नदी किनारे बने श्मशान घाट का है। अब पूरा मामला विस्तार से पढ़िए डिलेवरी के दौरान हुई थी मौत सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के लहरगिर्द निवासी संतोष अहिरवार ने बताया- मैं प्राइवेट काम करता हूं। मेरी शादी 13 साल पहले पूनम (33) से हुई थी। हमारे दो बेटे समर (12) और अधर्व (7) हैं। अब पत्नी पूनम फिर से गर्भवती थी। शनिवार शाम को उसे प्रसव पीड़ा हुई। तब आंतिया ताल के पास एक प्राइवेट अस्पताल में पूनम को भर्ती करवाया था। रविवार सुबह लगभग 11:10 बजे पूनम ने एक बेटे को जन्म दिया। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई। तब डॉक्टर ने पूनम को ग्वालियर रेफर कर दिया। हम लोग पूनम को ग्वालियर ले जा रहे थे। दतिया और डबरा के बीच में पूनम ने दम तोड़ दिया। तब शव को लेकर वापस झांसी ले आए। अंतिम संस्कार की जानकारी दी, फिर भी ताला लगाया मृतका के ससुर लखन अहिरवार ने बताया- बहू की मौत के बाद हम लोग शाम लगभग 6 बजे पहूच नदी श्मशाम घाट पर गए। बताया कि शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर आ रहे हैं। पहले हमसे कहा गया कि सुबह लाने। बाद में कहा कि अच्छा लेकर आओ। तब हम लोग शाम करीब 7 बजे शव को लेकर पहुंच गए। तब श्मशान घाट के गेट पर ताला लगा था और चौकीदार नहीं था। जानकारी जुटाने पर पता चला कि वो शादी में चला गया। काफी देर इंतजार करने के बाद चौकीदार नहीं आया। तब परिजन आक्रोशित हो उठे और गुस्से में शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने किसी तरह लोगों को समझाया बुझाया और शव को सड़क से हटवाकर जाम खुलवाया। परिजनों ने शव को श्मशान घाट के गेट पर रख दिया और चौकीदार का इंतजार करने लगे। लगभग 3 घंटे बाद जब चौकीदार आया और ताला खोला। तब जाकर परिजन अंतिम संस्कार कर पाए। बबीना गया था चौकीदार इस मामले में सीपरी बाजार थाना प्रभारी जेपी चौबे ने बताया कि चौकीदार एक मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने झांसी के बबीना गया था। जहां से उसे बुलवाया गया और फिर महिला के शव का अंतिम संस्कार करा दिया है।
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