सोनिया गांधी का मोदी सरकार पर बड़ा हमला!

नीट प्रश्नपत्र लीक और छात्र आंदोलनों को लेकर कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने छात्रों पर बल प्रयोग, शिक्षा व्यवस्था की खामियों, परीक्षा प्रणाली, बेरोजगारी और सरकारी जवाबदेही को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए।

सोनिया गांधी का मोदी सरकार पर बड़ा हमला!

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 24 जुलाई 2026

नीट प्रश्नपत्र लीक विवाद और देशभर में चल रहे छात्र आंदोलनों के बीच कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय बल प्रयोग का रास्ता अपना रही है। साथ ही उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली, बेरोजगारी और सरकारी जवाबदेही को लेकर कई गंभीर प्रश्न उठाए।


छात्रों के आंदोलन पर सरकार को घेरा

सोनिया गांधी ने कहा कि पिछले कई सप्ताह से देशभर के छात्र शांतिपूर्ण तरीके से परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों, प्रश्नपत्र लीक और शिक्षा व्यवस्था की खामियों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। उनका कहना है कि छात्रों की मांग केवल निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की है। इसके बावजूद सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने के बजाय पुलिस कार्रवाई का सहारा लिया।उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है, लेकिन केंद्र सरकार छात्रों की बात सुनने के बजाय उन्हें दबाने का प्रयास कर रही है। उनका कहना है कि इससे युवाओं में सरकार के प्रति विश्वास लगातार कमजोर होता जा रहा है।


छात्र देश का भविष्य हैं, दुश्मन नहीं

कांग्रेस नेता ने कहा कि दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा बल प्रयोग किया गया, जिससे कई छात्र घायल हुए। उन्होंने दावा किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ ऐसा व्यवहार किया गया, मानो वे किसी अपराध में शामिल हों। उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।सोनिया गांधी ने कहा कि छात्र देश के भविष्य का निर्माण करने वाले युवा हैं। सरकार को उनके साथ संवाद स्थापित करना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय उन्हें डराने और दबाने की कोशिश की गई। उनका कहना है कि ऐसी घटनाएं लोकतंत्र की भावना को कमजोर करती हैं।


सरकार संवाद के बजाय बल प्रयोग कर रही है

सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार हर विरोध प्रदर्शन का जवाब बातचीत से नहीं बल्कि प्रशासनिक कार्रवाई और बल प्रयोग से देती है। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन से लेकर विभिन्न सामाजिक आंदोलनों तक सरकार का रवैया एक जैसा रहा है।उन्होंने कहा कि डॉक्टर, अभियंता, शिक्षक, प्रशासनिक अधिकारी और उद्यमी बनने का सपना देखने वाले छात्रों के साथ पुलिस कार्रवाई करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उनका कहना है कि सरकार को युवाओं की आवाज सुननी चाहिए, न कि उन्हें दबाने का प्रयास करना चाहिए।


शिक्षा व्यवस्था को लगातार कमजोर करने का आरोप

सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में सरकारी शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा पर सरकारी खर्च में कमी आई है, जबकि निजी शिक्षण संस्थानों की संख्या लगातार बढ़ी है। इससे सामान्य और मध्यम वर्ग के परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में सरकारी विद्यालय बंद हुए हैं, जबकि निजी संस्थानों का विस्तार तेजी से हुआ है। उनका कहना है कि गुणवत्तापूर्ण और सस्ती शिक्षा सभी विद्यार्थियों का अधिकार है, जिसे सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।


परीक्षा प्रणाली पर भी उठाए सवाल

कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष ने कहा कि देश की परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता लगातार कमजोर हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी पर अत्यधिक निर्भरता के कारण कई समस्याएं सामने आई हैं। उनका कहना है कि प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं ने छात्रों का भरोसा तोड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि परीक्षा प्रणाली निष्पक्ष और मजबूत नहीं होगी तो लाखों मेहनती छात्रों का भविष्य प्रभावित होगा। सरकार को परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार करने चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


महंगी शिक्षा और बेरोजगारी पर चिंता

सोनिया गांधी ने कहा कि उच्च शिक्षा लगातार महंगी होती जा रही है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में होने वाला खर्च भी लगातार बढ़ रहा है, जिससे लाखों परिवार प्रभावित हो रहे हैं।उन्होंने युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी का भी मुद्दा उठाया और कहा कि पढ़ाई पूरी करने के बाद भी रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध नहीं हैं। उनका कहना है कि शिक्षा और रोजगार के बीच बढ़ती दूरी युवाओं की सबसे बड़ी चिंता बन चुकी है।


सरकार जवाबदेही से बच रही है: सोनिया गांधी

सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े बड़े विवादों के बावजूद सरकार जिम्मेदारी तय करने से बच रही है। उन्होंने कहा कि संबंधित मंत्रालय और अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों का मौजूदा आंदोलन केवल प्रश्नपत्र लीक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग का व्यापक आंदोलन बन चुका है। सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए।


मुख्य बिंदु

  • सोनिया गांधी ने छात्रों पर बल प्रयोग को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
  • शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग दोहराई।
  • सरकारी शिक्षा कमजोर होने और निजी शिक्षा महंगी होने का आरोप लगाया।
  • बेरोजगारी और युवाओं की बढ़ती परेशानियों पर चिंता जताई।
  • सरकार से जवाबदेही तय करने और छात्रों की आवाज सुनने की मांग की।