वैश्विक संकट के बीच मोदी की बड़ी बैठक, अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने पर मंथन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्थिक सलाहकार परिषद की बैठक में वैश्विक तनाव, पश्चिम एशिया संघर्ष, ऊर्जा सुरक्षा, महंगाई, निवेश और आर्थिक विकास से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा की। सरकार का फोकस भारत की आर्थिक गति को बनाए रखने, निवेश बढ़ाने और आम नागरिकों के जीवन को आसान बनाने वाले सुधारों को तेज करने पर है।

वैश्विक संकट के बीच मोदी की बड़ी बैठक, अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने पर मंथन

दि राइजिंग न्यूज़। नई दिल्ली। 07 जून 2026

वैश्विक तनाव और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्थिक सलाहकार परिषद की बैठक की। बैठक में भारत की आर्थिक वृद्धि, निवेश, महंगाई, ऊर्जा सुरक्षा और व्यापारिक सुधारों पर विस्तार से चर्चा हुई।


वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच अर्थव्यवस्था पर बड़ा मंथन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आर्थिक सलाहकार परिषद की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में देश की आर्थिक गति को तेज बनाए रखने, निवेश को बढ़ावा देने और वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की आर्थिक मजबूती को और मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में तेजी से बदल रहे वैश्विक हालात, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उसके भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का गहन आकलन किया गया। परिषद के सदस्यों ने आर्थिक वृद्धि को बनाए रखने के लिए कई सुझाव और नीतिगत उपाय भी प्रस्तुत किए।


ऊर्जा बाजार और महंगाई पर विशेष चर्चा

बैठक के दौरान पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का ऊर्जा बाजारों पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता व्यक्त की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि क्षेत्रीय अस्थिरता के कारण कच्चे तेल और ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है, जिसका असर वैश्विक महंगाई और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ सकता है। चर्चा में यह भी शामिल रहा कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ऊर्जा कीमतों में और बढ़ोतरी होती है तो भारत जैसे बड़े आयातक देशों पर उसका क्या प्रभाव पड़ेगा और उससे निपटने के लिए क्या रणनीति अपनाई जानी चाहिए।


आपूर्ति श्रृंखला और व्यापार पर नजर

आर्थिक सलाहकार परिषद ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में आ रही चुनौतियों की भी समीक्षा की। विशेषज्ञों ने माना कि अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के कारण व्यापारिक प्रवाह प्रभावित हो सकता है, जिससे विनिर्माण, निर्यात और औद्योगिक गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका बनी रहती है। बैठक में भारत को ऐसे संभावित जोखिमों से सुरक्षित रखने और घरेलू उत्पादन क्षमता को मजबूत बनाने पर भी विचार-विमर्श किया गया।


निवेश और कारोबार को बढ़ावा देने पर जोर

बैठक में घरेलू आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने, निजी निवेश को प्रोत्साहित करने और उत्पादकता बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा हुई। सरकार की प्राथमिकताओं में कारोबार को आसान बनाना, अनावश्यक प्रक्रियाओं को कम करना और उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना शामिल रहा। परिषद ने सुझाव दिया कि सुधारों की गति को और तेज किया जाए ताकि भारत वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बना रहे।


आम लोगों के जीवन को आसान बनाने पर फोकस

बैठक में केवल उद्योग और निवेश ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई। सरकारी सेवाओं की पहुंच आसान बनाने, प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल करने और नागरिकों पर अनुपालन संबंधी बोझ कम करने जैसे विषयों पर भी विस्तार से विचार किया गया। उद्देश्य यह है कि विकास का लाभ सीधे आम लोगों तक पहुंचे और जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो।


दुनिया अभूतपूर्व चुनौतियों से गुजर रही: मोदी

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की हालिया टिप्पणियों का भी उल्लेख किया गया। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर दिए गए अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा था कि वर्तमान दशक अभूतपूर्व चुनौतियों का दशक बन गया है। उन्होंने महामारी, युद्ध, ऊर्जा संकट और वैश्विक आपूर्ति व्यवस्था में व्यवधान जैसी चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा था कि इन परिस्थितियों ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं को प्रभावित किया है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा था कि ईंधन कीमतों में अस्थिरता और ऊर्जा आपूर्ति पर बढ़ते दबाव के बावजूद भारत ने मजबूती दिखाई है और विकास केंद्रित नीतियों के साथ आगे बढ़ रहा है।


आर्थिक मजबूती बनाए रखने की तैयारी

विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण रही। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच भारत सरकार आर्थिक स्थिरता बनाए रखने और विकास की गति को प्रभावित होने से बचाने के लिए लगातार रणनीति तैयार कर रही है। बैठक में हुए विचार-विमर्श से संकेत मिलता है कि आने वाले समय में निवेश, ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण कदम सामने आ सकते हैं।