उमेश पाल मर्डर के साजिशकर्ता की पैरोल अर्जी खारिज:सदाकत को बहन की शादी में शामिल होने की अनुमति नहीं
प्रयागराज में उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी सदाकत खान को अपनी छोटी बहन की शादी में शामिल होने के लिए जेल से बाहर आने की अनुमति नहीं मिली। सदाकत ने बहन की शादी और उससे जुड़ी रस्मों में शामिल होने के लिए छह दिन की पैरोल मांगी थी। इसके लिए उसने गैंगस्टर न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था। हालांकि, अदालत ने पैरोल देने का अधिकार अपने क्षेत्राधिकार में नहीं होने का हवाला देते हुए उसकी अर्जी खारिज कर दी। सदाकत खान पुत्र शमशाद खान की ओर से 4 नवंबर 2026 को अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था। इसमें बताया गया कि उसकी छोटी बहन निशात खातून का निकाह और रुखसती 21 नवंबर को प्रस्तावित है। शादी से जुड़ी रस्में 20 से 26 नवंबर तक होनी हैं। सदाकत ने बताया कि उसका एक अन्य भाई मोहम्मद शादाब रोजगार के सिलसिले में विदेश में रहता है। ऐसे में वह अपनी बहन का बड़ा भाई होने के नाते शादी में शामिल होना चाहता है। इसके लिए उसने छह दिन की पैरोल पर रिहाई की मांग की थी। अभियोजन पक्ष ने पैरोल का किया विरोध सदाकत की अर्जी का अभियोजन पक्ष की ओर से विरोध किया गया। अभियोजन ने दलील दी कि बीएनएसएस में इस तरह पैरोल पर रिहा किए जाने का कोई प्रावधान नहीं है। आरोपी गंभीर मामले में जेल में निरुद्ध है। उसे पैरोल पर छोड़े जाने की स्थिति में फरार होने या भाग जाने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए उसका प्रार्थना पत्र खारिज किया जाना चाहिए। हाईकोर्ट के फैसलों का दिया गया हवाला अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद हाईकोर्ट के पूर्व के आदेशों का उल्लेख किया। इसमें राज्य बनाम उदयभान सिंह उर्फ डॉक्टर सिंह, रामलली मिश्रा बनाम उत्तर प्रदेश राज्य और राज्य बनाम संदीप सिंह उर्फ पिंटू सिंह से जुड़े मामलों का हवाला दिया गया। इसके अलावा इलाहाबाद हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के फैसले उपेन्द्र सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य, 2012 (77) एसीसी 801 का भी उल्लेख किया गया। इसमें अधीनस्थ न्यायालयों को इस तरह के आदेश पारित करने से प्रतिबंधित किए जाने और उनके क्षेत्राधिकार को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई थी। इन्हीं न्यायिक व्यवस्थाओं को देखते हुए अदालत ने कहा कि वह इस तरह का पैरोल आदेश पारित करने के लिए सक्षम नहीं है। इसके बाद सदाकत खान की ओर से 4 नवंबर को दिया गया पैरोल का प्रार्थना पत्र पोषणीय न होने के कारण निरस्त कर दिया गया। उमेश पाल हत्याकांड में साजिश का आरोपी है सदाकत सदाकत खान उमेश पाल हत्याकांड में साजिश रचने का आरोपी है। पुलिस के मुताबिक, वह प्रयागराज के मुस्लिम बोर्डिंग हॉस्टल में रहता था। हत्याकांड के शूटर गुलाम के भी उसके साथ रहने की बात सामने आई थी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया था कि बरेली जेल में बंद माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ से शूटरों की मुलाकात के दौरान सदाकत भी मौजूद था। इस मुलाकात से जुड़े सीसीटीवी फुटेज में भी सदाकत दिखाई दिया था। पुलिस ने उसे हत्याकांड की साजिश में शामिल बताया था। अब बहन की शादी में शामिल होने के लिए जेल से बाहर आने की उसकी कोशिश को अदालत से झटका लगा है। सदाकत के खिलाफ लगी थी पहली चार्जशीट विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या के मामले में पुलिस ने 26 मई को पहली चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें मुस्लिम बोर्डिंग हॉस्टल में रहने वाले सदाकत खान को ही आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने उसे हत्याकांड की साजिश में शामिल बताया था। जांच के दौरान सामने आया था कि शूटर गुलाम कई बार सदाकत के साथ हॉस्टल में रुका था। इसके अलावा बरेली जेल में बंद अतीक अहमद के भाई अशरफ से शूटरों की मुलाकात के दौरान भी सदाकत मौजूद था। इस मुलाकात से जुड़े सीसीटीवी फुटेज में भी वह नजर आया था।
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